दौड़ के बाद विजेताओं को पुरस्कृत किया
सिलवासा. प्रशासन द्वारा आयोजित रन फॉर यूनिटी में बच्चों से लेकर हर उम्र के लोगों ने हिस्सा लिया। सवेरे 7 बजे आमली ग्राउंड पर आयोजित दौड़ में महिलाएं भी सम्मिलित हुई। दौड़ के लिए आमली आमली फव्वारा, वापी रोड, शहीद चौक चार रास्ता, गोडसे कॉर्नर, किलवणी नाका, झंडा चौक, सरस्वती चौक का रास्ता तय किया गया। दौड़ के बाद विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
धावकों ने राष्ट्रीय एकता की शपथ ली
दौड़ से पहले अधिकारियों के संग धावकों ने राष्ट्रीय एकता की शपथ ली। सांसद नटूभाई पटेल, कलक्टर कण्णन गोपालनाथन, आरडीसी राकेश मिन्हास, खानवेल आरडीसी निलेश गुरव, स्पोट्र्स डिपार्टमेंट के उपसचिव राकेश सिंह, जिला पंचायत सीइओ एच एम चावड़ा, एसएमसी सीओ मोहित मिश्रा, एसएमसी प्रमुख राकेश सिंह चौहान, उपप्रमुख अजय देसाई सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी सवेरे साढ़े 6 बजे आमली ग्राउंड पहुंच गए। ग्राउंड पर सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर देश की एकता एवं अखंडता की शपथ ली। एकता के नारे लगाकर लोगों ने रंग-बिरंगे गुब्बारे छोड़े। धावकों को दौड़ के लिए तयशुदा मार्ग बताया। कलक्टर के हरी झंडी दिखाते ही धावक दौड़ पड़े। वापी रोड पहुंचते ही स्कूली बच्चों ने सबको पछाड़ दिया। ग्राम पंचायतों में भी जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में एकता की दौड़ लगाई। नरोली ग्राम पंचायत के सरपंच, उपसरपंच व सदस्यों ने ग्रामीणों के साथ पूरे गांव का दौडक़र चक्कर लगाया।
कांग्रेसियों ने इन्दिरा और पटेल को याद किया
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहनभाई डेलकर की उपस्थिति में बुधवार को प्रदेश कांग्रेस नेताओं ने लौह पुुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल तथा पूर्व प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया। टोकरखाड़ा कांग्रेस कार्यालय में जिला पंचायत प्रमुख रमण काकवा, उपप्रमुख महेश गावित, पार्टी के वरिष्ठ नेता केशुभाई पटेल, पार्टी उपाध्यक्ष डॉ. टीपी चौहान, कोषाध्यक्ष सुरेश कोटियन, इन्द्रजीत परमार आदि अनेक नेताओं ने गांधी और पटेल की प्रतिमाओं के सामने नमन किया।
इस अवसर पर डेलकर ने कहा दोनों महान् नेताओं के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। स्व. इन्दिरा गांधी ने प्रधानमंत्री रहते हुए देशहित में कड़े फैसले लिए, जिसके लिए वे आयरन लेडी के नाम से पहचानी जाने लगी। वे ऐसी सशक्त महिला प्रधानमंत्री थी, जिनके बुलंद हौसलों के सामने पूरी दुनिया ने घुटने टेक दिए। उनकी आत्मशक्ति की बदौलत बांग्लादेश स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में अस्तित्व में आया। पटेल की सराहना करते हुए कहा कि आजाद भारत के पहले उप प्रधानमंत्री व गृहमंत्री रहते हुए देश का गौरव बढ़ाया। पटेल का सिद्धांत था कि मनुष्य को हमेशा शीतल दिमाग से फैसले लेना चाहिए। मन, वाणी और विचारों के प्रेम भाव से सभी कार्य आसानी से संभव हो जाते हैं। इसी भावना से पटेल ने 562 रियासतों का एकीकरण करके देश को एक सूत्र से बांध दिया।