
सूरत. राजस्थान के बीकानेर जिले की नोखा मंडी के सगे भाई-बहन श्रीअखिल भारतीय साधुमार्गी जैन संघ के आचार्य रामलाल के सानिध्य में दीक्षा ग्रहण कर उदयपुर में वैराग्य पथ का वरण करेंगे। इससे पूर्व रविवार को भाई-बहन मुमुक्षुओं की शोभायात्रा शहर के भटार क्षेत्र में निकलेगी। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहेंगे। दोनों के अलावा दोंडाइचा की मुमुक्षू भी शोभायात्रा में शामिल रहेगी।
करीब 40 वर्ष पूर्व नोखा से सूरत आकर कपड़ा कारोबार में सक्रिय हुए मालू परिवार के निर्मल मालू का 13 वर्षीय पुत्र नीरज व 11 वर्षीया समता आगामी वर्ष आठ फरवरी को उदयपुर में श्रीअखिल भारतीय साधुमार्गी जैन संघ के आचार्य रामलाल के सानिध्य में जैन भागवती दीक्षा ग्रहण करेंगे। दीक्षा कार्यक्रम में दोंडाइचा की मुमुक्षू निकिता भी शामिल रहेगी। इन तीनों मुमुक्षुओं की शोभायात्रा श्रीसाधुमार्गी जैन संघ, सूरत की ओर से रविवार को निकाली जाएगी। यात्रा न्यू सिविल रोड पर समता भवन से सुबह पौने नौ बजे बाजे-गाजे के साथ रवाना होगी और बाद में विभिन्न मार्ग से होकर सिटीलाइट में महाराजा अग्रसेन भवन पहुंचेगी। यहां पर बाद में अभिनंदन समारोह का आयोजन श्रीअखिल भारतीय साधुमार्गी जैन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयचंदलाल डागा, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सुंदरलाल दुग्गड़ समेत अन्य कई मेहमानों की मौजूदगी में किया जाएगा। दिनभर कई कार्यक्रमों के बाद शाम सात बजे भक्ति संध्या का आयोजन भी किया जाएगा।
मुमुक्षुओं का परिचय
मुमुक्षू नीरज व समता दोनों के वैराग्य काल एक-एक वर्ष का है और नीरज ने 400 किमी की पदयात्रा इस दौरान की है वहीं, समता 300 किलोमीटर पैदल चली है। भाई-बहन सात वर्ष की उम्र से ही प्रतिक्रमण समेत अन्य धार्मिक क्रिया में सक्रिय हो गए थे। मुमुक्षू नीरज ने कक्षा सात तक सूरत में अध्ययन किया है वहीं, मुमुक्षू समता कक्षा पांच तक पढ़ी है। इनके अलावा दोंडाइचा की मुमुक्षू निकिता प्रोफेसर रह चुकी है।
पति-पत्नी ने भी ली थी दीक्षा
आचार्य रामलाल के सानिध्य में सूरत में आयोजित चातुर्मास के दौरान नीमच के अरबपति परिवार के पति-पत्नी ने भी जैन भागवती दीक्षा ग्रहण की थी। मुमुक्षू सुमित राठौड़़ व मुमुक्षू अनामिका राठौड़ के करीब तीन साल की बेटी इभ्या के पालन-पोषण मामले में विवाद भी पनपा था, जिसे बाद में उसके भाई ने दत्तक रूप से ग्रहण कर दीक्षा विधि को निर्विघ्न सम्पन्न करवाया था।