
सूरत। गणेश विसर्जन को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए सूरत शहर पुलिस ने व्यापक सुरक्षा और बंदोबस्त की तैयारी पूरी कर ली है। शहर में करीब 90 हजार छोटी-बड़ी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन 21 कृत्रिम तालाबों और 3 प्राकृतिक घाटों पर किया जाएगा। विसर्जन के दौरान कानून-व्यवस्था से लेकर यातायात नियंत्रण और आपात स्थिति से निपटने तक के लिए पुलिस ने बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है। पुलिस आयुक्त वाबांग जमीर ने बताया कि पुलिस ने पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था के साथ तकनीक आधारित निगरानी और विशेष टीमों को भी मैदान में उतारा है।
विसर्जन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 505 अधिकारी, 5 हजार 800 पुलिसकर्मी, 4 हजार होमगार्ड, 11 एसआरपी कंपनियां, आरएएफ की 2, सीआईएसएफ की 1 और बीएसएफ की 1 टुकड़ी तैनात की गई है। इसके अलावा अलग-अलग परिस्थितियों में तत्काल कार्रवाई के लिए क्यूआरटी की 7, एसओजी की 10 और डीसीबी की 15 विशेष टीमें भी सक्रिय रहेंगी। पुलिस का फोकस विसर्जन स्थलों के साथ-साथ प्रतिमाओं को ले जाने वाले मार्गों पर भी रहेगा। संवेदनशील इलाकों में पहले ही रूट मार्च और वाहन चेकिंग की जा चुकी है। पुलिस ने कानून-व्यवस्था से जुड़े संभावित स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी की व्यवस्था की है।
विसर्जन मार्ग और विसर्जन स्थलों की निगरानी के लिए इस बार तकनीक का भी बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस ने 20 ड्रोन कैमरे, 125 वीडियो कैमरे, 900 बॉडीवॉर्न कैमरे, 150 AI कैमरे और 3 हजार सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की है। इन कैमरों से मिलने वाले इनपुट की निगरानी पुलिस कंट्रोल रूम से की जाएगी। विसर्जन मार्ग में आने वाले निर्जन स्थानों पर 10 वॉच टावर और 32 आस्का लाइट लगाई गई हैं। इसके अलावा 4 घुड़सवार दल और 16 क्रेन भी विशेष व्यवस्था के तहत तैनात रहेंगे। इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों के साथ-साथ ऐसे स्थानों पर भी निगरानी बनाए रखना है, जहां सामान्य निगरानी अपेक्षाकृत कठिन होती है।
शहर में लगातार गश्त के लिए पुलिस ने 326 पेट्रोलिंग वाहन और 530 पेट्रोलिंग बाइक तैनात की हैं। पेट्रोलिंग के दौरान एक हजार 800 शोल्डर लाइट का इस्तेमाल किया जाएगा। विशेष टीमों के साथ नियमित पेट्रोलिंग के जरिए विसर्जन मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जाएगी।
गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों में आवश्यकता के अनुसार मार्ग परिवर्तन किया जाएगा। ट्रैफिक से संबंधित विस्तृत जानकारी नागरिकों के लिए अलग से जारी की जाएगी। बड़ी गणेश प्रतिमाओं को ले जाने वाले वाहनों पर जीपीएस सिस्टम लगाया जाएगा। इससे इन वाहनों की आवाजाही पर नजर रखी जा सकेगी। वहीं, घाटों पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बोट और बचाव दल की व्यवस्था भी की गई है।
गणेश महोत्सव और विसर्जन व्यवस्था को लेकर सूरत महानगरपालिका, बिजली कंपनियों, विभिन्न सरकारी एजेंसियों और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बैठकें की गई हैं। इन बैठकों में विसर्जन के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां पूरी की गई हैं। पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों में रूट मार्च, वाहन चेकिंग और शांति समिति की बैठकें भी आयोजित की हैं। पुलिस के अनुसार, विसर्जन के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।
पुलिस आयुक्त वाबांग जमीर ने नागरिकों से गणेश विसर्जन के दौरान यातायात नियमों का पालन करने, पुलिस का सहयोग करने और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने पर्यावरण अनुकूल तरीके से गणेश विसर्जन के प्रति भी नागरिकों को जागरूक रहने का संदेश दिया है।