सूरत की अटल यादें : कई बार सूरत आए पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयीदिनभर दुआओं का दौर, शाम को निधन के बाद पसरा सन्नाटा
सूरत.
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का सूरत से पुराना नाता रहा। प्रधानमंत्री बनने से पहले और बाद में वे कई बार सूरत आए। कई लोगों के जेहन में उनकी भोली मुस्कान और चुटीली बातों की यादें ताजा हैं। उनकी तबीयत बिगडऩे के समाचार को लेकर गुरुवार को दिनभर यहां दुआओं का दौर जारी रहा। शाम को उनके निधन के समाचार के बाद शोक की लहर छा गई।
भाजपा की स्थापना के बाद वे 1989 में सूरत में रैली को संबोधित करने आए थे। उस समय भाजपा सूरत समेत गुजरात में अपनी जड़ें मजबूत करने में जुटी थीं। वाजपेयी ने उस वक्त कोटसफील रोड पर जनसभा को संबोधित किया था। इसके बाद चुनावी माहौल में उनकी कई सभाएं हुईं। रिंगरोड पर वनिता विश्राम ग्राउंड में भी सभा को संबोधित किया। इस दौरान बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती भी उनके साथ थीं। सूरत सांसद दर्शना जरदोश ने उस दौरान महिला मोर्चा में काफी समय तक कार्यक्रमों की फोटोग्राफी का कार्य संभाला था। उन्होंने वाजपेयी के कार्यक्रमों के कई फोटोग्राफ लिए थे।
दर्शना ने राजस्थान पत्रिका को बताया कि वे खाने के बहुत शौकीन थे। फोटोग्राफी के दौरान बार-बार उनकी आंखें छोटी हो जाती थीं। इसलिए एक बार उन्होंने वाजपेयी से कहा कि इस बार बड़ी आंखों वाली फोटो लेनी है। वर्ष 2009 में दर्शना पहली बार सांसद बनीं। वह सुमित्रा महाजन के नेतृत्व में 25 महिला सांसदों के साथ वाजपेयी से मिलने उनके निवास पर गई थीं, लेकिन उनकी तबीयत खराब होने के कारण मुलाकात नहीं हुई। सूरत पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक हेमंत चपटवाला के निधन के समय भी वे सूरत आए थे और उनके परिवार के सदस्यों से मुलाकात की थी।
1995 में वियर कम कोजवे का लोकार्पण
सूरत शहर की बढ़ती आबादी और सीमा क्षेत्र को देखते हुए महानगर पालिका ने जलापूर्ति के लिए तापी नदी पर वियर कम कोजवे का निर्माण करवाया। 1995 में वियर कम कोजवे का लोकार्पण अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था। उन्हें देखने और सुनने के लिए बड़ी संख्या में सूरती जमा हुए थे।
सूरत में मनाया था 75वां जन्मदिन
1996 में पहली बार अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने। तेरह दिन में ही उनकी सरकार गिर गई थी। इस घटनाक्रम के बाद वे सूरत आए और कापडिय़ा हेल्थ क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेस को संबोधित किया था। उसी दिन उनका 75वां जन्मदिन था। सूरत भाजपा इकाई ने शहर के कुछ जाने-माने लोगों के साथ उनका जन्मदिन मनाया था।