इंट्रा स्टेट इ-वे बिल का पहला दिन
सूरत
राज्य सरकार की ओर से राज्य में तमाम वस्तुओं के आवागमन पर सोमवार से इ-वे बिल अनिवार्य कर दिया गया, लेकिन पहले दिन ही जीएसटी सर्वर धीमा चलने के कारण व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। घंटों पसीना बहाने के बाद भी इ-वे बिल जनरेट नहीं हो सके।
सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार ने 1 अक्टूबर से एक शहर से दूसरे शहर में पचास हजार रुपए से अधिक के माल के आवागमन पर इ-वे बिल अनिवार्य कर दिया है। सोमवार को जीएसटी सर्वर धीमा चलने के कारण इ-वे बिल जनरेट करने के लिए व्यापारियों को पसीना बहाना पड़ा। इसके बावजूद इ-वे बिल जनरेट नहीं हो सके। व्यापारियों का कहना है कि सरकार ने किसी पूर्व तैयारी के बिना इ-वे बिल अनिवार्य कर दिया। इसका नतीजा व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है।
दिनभर दिक्कत
सोमवार को जीएसटी पोर्टल धीमा चलने के कारण दिनभर इ-वे बिल जनरेट करने में दिक्कत रही। सुबह से शाम तक यही हालत रही।
सुशील काबरा, सीए
परेशानी हुई
एक शहर से दूसरे शहर में पचास हजार रुपए से अधिक का माल भेजने के लिए सोमवार से इ-वे बिल अनिवार्य कर दिया गया है। पहले दिन ही सर्वर धीमा होने से व्यापारी परेशान हुए
उमेश जरीवाला, प्रशांत शाह, जीएसटी सलाहकार
रैलियों और विरोध प्रदर्शन से कई जगह जाम में फंसी रही जनता
शहर में सोमवार का दिन रैलियों के नाम रहा। अलग-अलग मांगों को लेकर निकलीं तीन रैलियों से कई जगह ट्रैफिक जाम के हालात रहे। भांडूत गांव की सीमा में प्रस्तावित डिस्पोजल प्लांट के खिलाफ सैकड़ों ग्रामीणों ने मनपा मुख्यालय तक रैली निकाली तो वीवर्स ने विभिन्न मांगों को लेकर चौक बाजार गांधी प्रतिमा से मनपा मुख्यालय तक रैली निकाली। वेतन बढ़ोतरी की मांग के साथ नेशनल हेल्थ मिशन के कर्मचारियों ने मक्कई पुल पर प्रदर्शन किया। इन विरोध प्रदर्शनों के कारण अठवा गेट, चौक बाजार, भागल, मिर्जासामी रोड आदि क्षेत्रों में जाम लग गया और यातायात को सामान्य करने में ट्रैफिक पुलिस को घंटों मशक्कत करनी पड़ी।