
सूरत. अहमदाबाद के जीएमडीसी ग्राउंड में 25 अगस्त को हुई हिंसा की घटना को तीन साल पूरे होने पर पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति के समन्वयक हार्दिक पटले ने शनिवार दोपहर तीन बजे से अनशन पर बैठने की घोषणा की है। पुलिस की ओर से मंजूरी नहीं मिलने के बावजूद हार्दिक अनशन पर बैठने वाला है। ऐसे में राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति नहीं बिगड़े इस लिए राज्य की पुलिस को सतर्क रहने का आदेश जारी कर दिया है। सूरत में पाटीदार आरक्षण आंदोलन का एपिक सेंटर माने जानेवाले वराछा क्षेत्र को भी शनिवार सुबह से ही पुलिस छावनी में तबदील कर दिया गया है। यहां चप्पे-चप्पे पर पुलिस जवानों को तैनात करने के साथ ही बीआरटीएस सेवा भी बंद कर दी गई है।
3 डीसीपी समेत 3000 हजार जवान तैनात
पाटीदार बाहुल क्षेत्र वराछा, कापोद्रा, सरथाणा में किसी तरह की अप्रिय घटना न हो इस लिए पुलिस आयुक्त सतीश शर्मा की ओर से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी तीन डिप्टी पुलिस आयुक्तों को सौंपी गई है। तीनों अधिकारियों की अगुवाई में इन क्षेत्रों में 25 पुलिस निरीक्षक, 35 पीएसआई समेत 3000 जवानों को सुरक्षा के लिए तैनात किया गया।
- बीआरटीएस सेवा भी बंद
पूर्व में हुई आगजनी की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए मनपा प्रशासन की ओर से वराछा जोन क्षेत्र में शनिवार सुबह से ही बीआरटीएस बस सेवा के सभी रूटों को बंद कर दिया है। बीआरटीएस सेवा बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस पार्षद हिरासत में
हार्दिक पटले के समर्थन के लिए सूरत से कांग्रेस पार्षद नीलेश कुंभाणी शनिवार सुबह अहमदाबाद की ओर जाने की तैयारी में था, तभी पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। इसके अलावा पास कार्यकर्ताओं पर भी पुलिस कड़ी नजर बनाए हुए है।
हार्दिक और अल्पेश की गिरफ्तारी के बाद भड़की थी हिंसा
हाल ही में अहमदाबाद में हार्दिक पटेल और अल्पेश कथीरिया की गिरफ्तारी के बाद सूरत में हिंसा भड़क उठी थी। पाटीदारों ने उपद्रव मचाते हुए एक बीआरटीएस बस को आग के हवाले कर दिया था, वहीं बीआरटीएस के तीन बस स्टैंड पर जमकर तोडफ़ोड़ की थी।