
सूरत
यार्न की कीमतों को लेकर कपड़ा उद्योग का संतुलन गड़बड़ा गया है। दो महीने से यार्न की कीमत धड़ल्ले से बढ़ रही थी, लेकिन अब बाजार में चल रही चर्चाओं के कारण वीवर्स और यार्न व्यपारियों को लग रहा है कि यार्न की कीमत घट सकती हैं। इसलिए वीवर्स ने यार्न की खरीद रोक दी है।
यार्न बाजार के सूत्रों के अनुसार यार्न की कीमत दो महीने से लगातार बढ़ रही है। यार्न उत्पादकों का कहना है कि डॉलर के साथ क्रूड ऑइल, एमइजी और पीटीए की कीमत बढऩे के कारण यार्न की कीमत बढ़ी थी। डेढ़ महीने में ही एयरटेक्स यार्न के भाव में करीब 40 रुपए, नायलोन यार्न में 50 रुपए, केटोनिक यार्न में 50 रुपए, क्रिम्प में 20 रुपए, एफडीवाय में 40 रुपए और पीओवाय में 25 रूपए का इजाफा हुआ। त्योहारों का मौसम होने के कारण वीवर्स ने ऊंची कीमत पर यार्न खरीद लिया, लेकिन अब वीवर्स और व्यापारी दोनों सतर्क हो गए हैं। बाजार में इन दिनों चर्चा चल रही है कि धीरे-धीरे डॉलर के मुकाबलेे रुपया रिकवर हो रहा है। रुपए की कीमत बढऩे की संभावना है। इसके अलावा क्रूड ऑइल, जो 1.34 डॉलर प्रति किलो था, वह भी घट कर 1.22 डॉलर पर पहुंच गया है। चीन में एमइजी और पीटीए का स्टॉक हो जाने के कारण वहां से भी कम कीमत पर आयात होने की संभावना है। इसको लेकर वीवर्स ने यार्न की खरीद रोक दी है। जिन वीवर्स के पास बड़े पैमाने पर यार्न का स्टॉक पड़ा है, उनकी चिंता बढ़ गई है। दूसरी ओर व्यापारियों में भी यह भय है कि यदि यार्न की कीमत घटी तो ग्रे पर भी असर पड़ेगा और कपड़े की कीमत घट जाएगी। वह ज्यादा कीमत का ग्रे नहीं खरीदना चाहते। इसका असर प्रोसेसिंग डाइंग यूनिट तक पहुंच गया है। व्यापारी भाव के उतार-चढ़ाव के बीच फंस कर नुकसान उठाने के बजाय वेट एंड वॉच को मुनासिब मान रहे हैं।
उद्योग की गणित बिगड़ी
वीवर्स डरते हुए यार्न खरीद रहे हैं। इसका असर डाइंग-प्रोसेसिंग यूनिट के जॉब वर्क तक पहुंच गया है। उद्यमियों को चिंता है कि यदि यार्न की कीमत अचानक घट गई तो नुकसान होगा। इसलिए खरीद बाधित हो रही है।
गिरधर गोपाल मूंदडा, कपड़ा उद्यमी
भाव में उतार-चढ़ाव
यार्न की कीमत में उतार-चढ़ाव के कारण वीवर्स ने खरीद रोक दी है। यार्न की कीमत को लेकर तस्वीर आने वाले दिनों में स्पष्ट होगी।
फोरम घीवाला, यार्न व्यवसायी