युवाओं की एक टीम ने अपने पॉकेटमनी के खर्चे में कटौती कर आवारा मवेशियों को इस भीषण गर्मी में पानी पिलाने सीमेंट के टब बनवाए हैं। उनके इस सार्थक पहल की शहर में काफी चर्चा हो रही है। टब को शहर के कई स्थानों में पानी भरकर रखा गया है, ताकि प्यास से भटक रहे मवेशियों का गला तर हो सके। युवाओं ने अपनी संस्था का नाम निदान सेवा समिति रखा है।
नगर निगम शहर के अंदर घूम रहे अवारा मवेशियों की धरपकड़ में लगा रहता है। इसके बावजूद शहर के विभिन्न चौक-चौराहों से मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है। यातायात के लिए भले ही ये आवारा मवेशी परेशानी का कारण बने हुए हैं, लेकिन इनकी भी सुध लेने वाले लोग शहर में मौजूद हैं।
शहर से बाहर से आने वाले लोग जब एक गिलास भर पानी के लिए तरसते हैं फिर इन मवेशियों के साथ पक्षियों को कहीं भी बूंद भर पानी मिल जाए, ऐसी कल्पना भी बेमानी है। इस गंभीर और संवेदनशील विषय की ओर शहर के युवओं द्वारा गठित निदान सेवा समिति ने ध्यान आकृष्ट किया है।
संभाग मुख्यालय में किसी भी संस्थान द्वारा पशु-पक्षियों के हित में यह बड़ी पहल है। बुधवार को महापौर डा. अजय तिर्की, वृक्षमित्र ओपी अग्रवाल, भाजपा प्रदेश मंत्री अनुराग सिंहदेव व पार्षद आलोक दुबे द्वारा निदान सेवा समिति द्वारा प्रतापपुर नाका के समीप आयोजित कार्यक्रम में सीमेंट का टब 'नाध' का निर्माण करवाकर रखा गया।
समिति ने काफी संख्या में टब का निर्माण कराया है। इसे एक वाहन में रखा गया है। वाहन को अतिथियों द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवानाा किया गया। शहर के सभी चौक-चौराहों पर निदान सेवा समितियों के सदस्यों द्वारा पानी से भरे टब रखे जाएंगे।
नगर निगम भी निभाएगा भागीदारी
इस अवसर पर महापौर ने कहा कि युवाओं द्वारा अपने खर्चों में कटौती कर पशु-पक्षियों की सेवा की जा रही है। यह पुण्य का काम है। इसमें नगर निगम भी अपनी भागीदारी निभाएगा। पानी की व्यवस्था निगम द्वारा की जाएगी। इस अवसर पर वृक्षमित्र ओपी अग्रवाल ने कहा पशु-पक्षियों की संरक्षित किए बिना धरती को नहीं बचाया जा सकता है।
युवाओं द्वारा इस उम्र में जो काम किया गया है, वह वाकई सराहनीय पहल है। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा गायों को गुड़-चना खिलाकर टब में रखे पानी को पिलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की गई।