समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए रविवार को राजनांदगांव में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य समाज कल्याण बोर्ड द्वारा एमएसएसव्हीपी की डायरेक्टर मीरा शुक्ला को नारी शक्ति सम्मान से सम्मानित किया गया। नारी शक्ति सम्मान से सम्मानित मीरा शुक्ला ने वर्ष 1994 में शासकीय नौकरी से इस्तीफा देने के बाद लोगों की मदद करना ही अपनी जिंदगी का लक्ष्य बना लिया था।
मीरा ने आत्मविश्वास, मेहनत और लगन के दम पर समाज सेवा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए । समाज सेवा के संघर्ष में उनके साथ कदम से कदम मिलाकर आज जिले की सैकड़ों महिलाओं ने समाज का नजरिया भी बदल दिया है।
आज हर परिस्थिति का सामना कर लोगों की मदद करने के लिए एमएसएसव्हीपी की संचालिका मीरा शुक्ला हमेशा खड़ी नजर आती हैं।
मीरा ने वर्ष 1998 में उदयपुर के ग्राम सोहगा के 30 बच्चों को गोद लेकर समाजसेवा के क्षेत्र में संघर्ष की शुरूआत की थी। उन्होंने 30 बच्चों को बिना किसी मदद के न केवल उन्हें शिक्षित किया, बल्कि उन्हें आगे बढऩे के लिए प्रेरित भी किया था। आज मीरा ऐसी 50 बालिकाओं की मां बनकर देखभाल कर रही हैं, जिन्हेंं उनके माता-पिता ने भी किसी न किसी कारण से छोड़ दिया है।
उन्होंने ऐसी महिलाओं को भी सहारा दिया है, जिनके गोद में बच्चे थे। लेकिन उनके पति और परिजन का कुछ पता नहीं था। कुछ ऐसी किशोरियां भी हैं, जो अनाचार की भी शिकार हो चुकी हैं। उन्होंने लगभग 200 से अधिक महिलाओं को पुनर्वास के माध्यम से सशक्त किया है। 5 महिलाओं का पुनर्विवाह भी कराया है।
इसके साथ जिन्हें घर ले जाने से उनके माता पिता भी इंकार कर देते हैं, उन्हें भी पढ़ा-लिखाकर बेहतर कैरियर बनाने की सलाह देने के साथ उनका विवाह भी संपन्न कराया। आज उनके साथ 100 से अधिक महिलाएं समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। समाज सेवा के प्रारम्भ में उन्हें हर तरह की तानों से गुजरना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद उन्होने अपना संघर्ष नहीं छोडा।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर राजनांदगांव में छत्तीसगढ़ समाज कल्याण बोर्ड द्वारा रविवार को आयोजित सम्मान समारोह में सरगुजा जिले से एक मात्र समाज सेविका को नारी शक्ति के सम्मान से भिलाई की पूर्व सासंद व भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव सरोज पांडेय द्वारा सम्मानित किया गया।