जिले में बिना काम कराए मनरेगा से लाखों रुपए का भुगतान निकालने के मामले में जतारा जनपद पंचायत के तत्कालीन सीइओ, इंजीनियर और नादिया पंचायत के सरपंचसचिव सहित 9 आरोपियों पर एफआइआर दर्ज की गई है।
टीकमगढ़. मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में बिना काम कराए मनरेगा से लाखों रुपए का भुगतान निकालने के मामले में जतारा जनपद पंचायत के तत्कालीन सीइओ, इंजीनियर और नादिया पंचायत के सरपंचसचिव सहित 9 आरोपियों पर एफआइआर दर्ज की गई है। हालांकि अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
मनरेगा में किए गए भ्रष्टाचार का मामला दिल्ली से आई नेशनल लेबल मॉनिटरिंग टीम ने उजागर किया था, जिसके प्रतिवेदन दिए जाने के 23 दिन बाद दिगौड़ा थाने में तत्कालीन जतारा जनपद सीईओ आनंद शुक्ला, सहायक यंत्री देवानंद शुक्ला, उपयंत्री बलराम सोनकिया, सहायक लेखाधिकारी लक्ष्मणदास अहिरवार, नादिया पंचायत की सरपंच मीरा यादव, सचिव सूरज यादव, रोजगार सहायक अनुराग श्रीवास्तव के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।
इन्हें भी किया गया नामजद
बताया गया है कि, इस मामले में ग्राम पंचायत नादिया के काम में दखल रखने वाले सरपंच मीरा यादव के पुत्र रंजीत यादव और पंचायत सचिव के पति संजू जैन को भी नामजद किया गया है। प्रकरण की प्राथमिकी दिगौड़ा थाने में जतारा जनपद के अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी राजेश मिश्रा की ओर से दर्ज कराई गई।
मध्य प्रदेश में ऑटो- शो 2022 की धूम, वीडियो में देखें आकर्षक कारें