टीकमगढ़

उमा भारती का बड़ा बयान, ‘जब तक जिंदा रहूंगी, राजनीति करूंगी’

mp news: उमा भारती ने कहा कि वे जीवनभर राजनीति करती रहेंगी। उन्होंने आगे कहा कि उनका स्वास्थ्य अक्सर ठीक नहीं रहता, लेकिन जनता का आशीर्वाद और समर्थन ही ताकत देता है।
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mp news: मध्यप्रदेश की पूर्व सीएम और बीजेपी की फायर ब्रांड नेता उमा भारती अपने एक बयान को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उमा भारती शुक्रवार को टीकमगढ़ में वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी के बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंची थीं इस दौरान उन्होंने मंच से जिंदगी भर राजनीति करने की बात कही है। वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी के बलिदान दिवस पर शासकीय महाविद्यालय परिसर स्थित उनके स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिसके बाद नजर बाग मैदान से विशाल शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में समाज के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और पूरे शहर में उत्साह का माहौल रहा।

जब तक जिंदा रहूंगी राजनीति करूंगी- उमा भारती

उमा भारती ने मंच से बड़ा बयान देते हुए कहा कि वो जब तक जिंदा रहेंगी तब तक राजनीति करती रहेंगी। उमा भारती ने आगे कहा कि अभी और बहुत लंबा जीने का मन है। इसलिए आप लोगों का आशीर्वाद मांगती हूं। यही हो जाएगा नहीं चल पाएंगे, तो आप उठा कर बैठा दिया करना। मैं तो यही कहती हूं हमें तीन चीजों पर काम करना चाहिए, वाणी आंख और कान। यानी मुझे सुनाई दे, मैं बोल पाऊं और मुझे दिखाई दे, जब तक यह रहेगा तब तक मैं आपके लिए पूरी ताकत के साथ संघर्ष से काम करती रहूंगी।

इतिहास की सच्चाई और बलिदान की गाथा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मप्र की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि रानी अवंतीबाई का बलिदान 1857 में नहीं, बल्कि 1858 में हुआ था। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ वीरतापूर्वक युद्ध किया और अंतिम समय तक उनकी गिरफ्त में नहीं आईं। पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि जब अंग्रेज उन्हें पकड़ नहीं सके, तो उन्होंने स्वयं अपने सीने में कटार घोंपकर बलिदान दिया। इस घटना के साक्षी उनके सेनापति थे। उन्होंने यह भी बताया कि वह ऐतिहासिक कटार आज भी मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिले में सुरक्षित है। जिसे संरक्षित करने के लिए सरकार से विशेष व्यवस्था करने की मांग की जाएगी।

नशामुक्ति और आत्मनिर्भर भारत पर जोर

अपने संबोधन में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने समाज सुधार पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को मजबूत बनाने के लिए नशामुक्ति बेहद जरूरी है। जिले में स्वयं की पहल से 80 गांव शराब मुक्त हो गए हैं। सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि एक ओर नशा मुक्ति की बात होती है, वहीं दूसरी ओर शराब की दुकानों का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने देश को बचाने के लिए नदियों, जंगलों, गो संरक्षण और आत्मनिर्भरता को जरूरी बताया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता पर बल दिया।

शिक्षा, रोजगार और दहेज प्रथा पर उठाए सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि आज शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का निजीकरण आम जनता पर भारी पड़ रहा है। मजदूर वर्ग अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब सरकारी स्कूल और अस्पताल निजी संस्थानों के बराबर हो जाएंगे, तभी सही मायनों में देश प्रगति करेगा। इसके साथ ही उन्होंने दहेज प्रथा का विरोध करते हुए समाज से इसे पूरी तरह समाप्त करने की अपील की।

Updated on:
20 Mar 2026 10:31 pm
Published on:
20 Mar 2026 10:31 pm