Niwari- निवाड़ी जिले में कलेक्टर ने सख्ती दिखाते हुए एक आंगनबाड़ी सहायिका की सेवा समाप्त की
Niwari- मध्यप्रदेश में कई कर्मचारी, अधिकारी अपने नाम पर अन्य लोगों से काम करा रहे हैं। शिक्षा विभाग में ये शिकायत आम है। प्रदेशभर में सैंकड़ों शिक्षकों द्वारा ठेके पर कर्मचारी रखे जाने की बात खुद शिक्षा मंत्री उदयप्रताप सिंह भी कह चुके हैं। अन्य विभागों में भी ऐसे मामले सामने आए हैं। निवाड़ी जिले में ऐसे ही एक केस में कलेक्टर ने सख्ती दिखाते हुए एक आंगनबाड़ी सहायिका की सेवा समाप्ति के आदेश जारी कर दिए। वह साढ़े चार सालों से दूसरी महिला से काम करा रही थी। जांच में मामला उजागर होने पर कलेक्टर ने सख्त कार्रवाई करते हुए आंगनबाड़ी सहायिका को बर्खास्त कर दिया जिससे विभाग सहित जिले के प्रशासनिक हल्कों में खलबली मच गई।
निवाड़ी जिले में ठेके पर कर्मचारी काम में लगे हुए हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आने पर कलेक्टर जमुना भिड़े ने ग्राम पंचायत नौरा के आंगनबाड़ी केन्द्र ब में पदस्थ सहायिका रागनी यादव की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। निरीक्षण के दौरान यहां पर आंगनबाड़ी सहायिका की जगह दूसरी महिला काम करते हुए मिली थी।
विदित हो कि आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर कलेक्टर भिडे ने नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए थे। ऐसे में अधिकारियों के निरीक्षण में नौरा गांव में चौंकाने वाला मामला सामने आया था। यहां पर आंगनबाड़ी केन्द्र में पदस्थ सहायिका रागनी यादव न केवल अनुपस्थित थीं बल्कि उनके स्थान पर एक अन्य महिला को काम करते पाया गया। महिला ने बताया कि वह पिछले साढ़े चार सालों से 500 रुपए प्रति माह पर काम कर रही थी।
इससे पूर्व 6 दिसंबर 2025 को भी पर्यवेक्षक अपर्णा सिंह के निरीक्षण में सहायिका रागनी यादव अनुपस्थित मिली थी। इस लापरवाही पर कलेक्टर ने समय सीमा की बैठक में कड़ी नाराजगी जाहिर करने साथ ही कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इस पर विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। सहायिका द्वारा कोई संतोषजनक जवाब न देने पर उसे पद से पृथक कर दिया गया है।