Tamil Nadu crime updates: कोयंबटूर में 10 साल की मासूम के साथ हुई दरिंदगी और निर्मम हत्या ने पूरे तमिलनाडु को हिला कर रख दिया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री विजय थलपति का रिएक्शन सामने आया है।
Coimbatore rape murder case: तमिलनाडु के कोयंबटूर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। शहर में 10 साल की एक मासूम बच्ची के साथ हुए यौन उत्पीड़न और उसकी निर्मम हत्या की घटना के बाद हर तरफ आक्रोश है। लोग सड़कों पर उतर आए हैं और दोषियों के खिलाफ फांसी की सजा की मांग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने इसे 'अमानवीय और अक्षम्य' करार देते हुए सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
21 मई यानी गुरुवार शाम करीब 5 बजे 10 साल की बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी। तभी वह अचानक लापता हो गई। परिवार ने रात 8:30 बजे तक तलाश की और जब कोई सुराग नहीं मिला, तो पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत 5 विशेष टीमें गठित की और सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए। तकनीक की मदद से पुलिस को जल्द ही सुराग मिल गया।
जांच में पता चला कि बच्ची का अपहरण नागपट्टिनम जिले के रहने वाले 33 वर्षीय के. कार्थी ने किया था, जो पीड़ित परिवार का ही परिचित था। आरोपी ने बच्ची को बहला-फुसलाकर अगवा किया और फिर एक निजी फार्म के सुनसान इलाके में ले जाकर उसके साथ यौन उत्पीड़न किया। दरिंदगी की हदें पार करते हुए उसने नारियल के बाग में बच्ची की गला घोंटकर हत्या कर दी।
पुलिस ने जब मुख्य आरोपी कार्थी को एक अपार्टमेंट में घेर लिया, तो उसने वहां से भागने की कोशिश की। पहली मंजिल से कूदने के चक्कर में उसका दाहिना हाथ और पैर टूट गया। फिलहाल उसे कोयंबटूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। इस अपराध में उसके 30 वर्षीय साथी आर. मोहन ने भी मदद की थी, जिसे भी पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
इस भयावह घटना पर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि, "ऐसी अमानवीय हरकतें किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। मेरी संवेदनाएं बच्ची के परिवार के साथ हैं।" उन्होंने आश्वासन दिया है कि राज्य सरकार इस मामले में फास्ट-ट्रैक के जरिए आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाना सुनिश्चित करेगी।
दूसरी ओर, राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने तमिलनाडु के डीजीपी को पत्र लिखकर सात दिनों के भीतर इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। पुलिस महानिरीक्षक आर.वी. राम्या भारती ने बताया कि पुलिस जल्द ही चार्जशीट दाखिल करेगी ताकि न्याय प्रक्रिया में कोई देरी न हो।