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बेंगलुरु के डे-केयर में मासूमों के साथ क्रूरता पर भड़कीं एक्ट्रेस खुशबू सुंदर, बोलीं- ‘सिर्फ आया जिम्मेदार नहीं’

Khushbu Sundar on Daycare Abuse: बेंगलुरु के कैपजेमिनी कैंपस स्थित डेकेयर में 2-3 साल के मासूमों पर क्रूरता, बच्चों को वॉशिंग मशीन में डालने का मामला सामने आया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद 5 आयाओं पर केस दर्ज किया गया है और पुलिस मामले की जांच कर रही. इसी बीच एक्ट्रेस खुशबू सुन्दर ने मामले पर अपना गुस्सा जाहिर किया है।
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मुंबई

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Rashi Sharma

Jul 03, 2026

Shraddha Kapoor Eetha Controversy

डेकेयर में बच्चे से मारपीट पर भड़कीं खुशबू सुंदर। (फोटो सोर्स: IMDb and @sanatan_kannada)

Actress Khushbu Sundar on Bengaluru Daycare Abuse: सोशल मीडिया पर कुछ वीडियोज वायरल हो रहे हैं, जिसमें साफ-साफ दिख रहा है कि बेंगलुरु के एक डे-केयर सेंटर में दो से तीन साल के बच्चों को फ्रंट-लोडिंग वॉशिंग मशीन में बिठाया गया, उनके मुंह में टॉयलेट जेट स्प्रे से पानी की बौछार की गई और उन्हें बाथरूम में बंद कर दिया गया। वीडियो के वायरल होते ही बेंगलुरु पुलिस हरकत में आ गई। वीडियो पर यूजर्स डे-केयर कंपनी और वहां काम करने वाली आयाओं पर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। इसी बीच NCW की फॉर्मर मेंबर और एक्ट्रेस खुशबू सुंदर ने इस पर बड़ा बयान दिया है।

एक डिबेट के दौरान NCW की फॉर्मर मेंबर और एक्ट्रेस खुशबू सुंदर ने एक डिबेट में इस मुद्दे पर बात करते हुए बड़ा बयान दिया है। आइये जानते हैं कि खुशबू सुंदर ने क्या कहा,

खुशबू सुंदर ने क्या कहा

खुशबू सुंदर ने इस घटना पर गहरा दुख और गुस्सा जताते हुए कहा, 'डेकेयर सेंटर में ऐसे लोगों की जरूरत होती है जो संवेदनशील हों, लेकिन दुर्भाग्य से वहां काम करने वाले लोगों में सहानुभूति और दया की भावना जीरो है, वो सिर्फ और सिर्फ पैसे के लिए काम करते हैं।' इसके साथ ही खुशबू सुन्दर ने कहा कि इस घटना के लिए पेरेंट्स को खुद को अपराधी नहीं मानना चाहिए, क्योंकि आज के समय में परिवार चलाने और बच्चों की अच्छी शिक्षा के लिए माता-पिता दोनों का काम करना जरूरी है।

खुशबू सुन्दर ने उठाए कई अहम सवाल

इसके साथ ही खुशबू सुन्दर ने इस बात पर जोर दिया कि केवल आयाओं को ही नहीं, बल्कि डेकेयर चलाने वालों और Capgemini जैसी कंपनीज की भी यहां पर जवाबदेही बनती है और उनको भी इसका जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि डेकेयर सेंटर में भर्ती के समय कर्मचारियों के अनुभव और योग्यता की सही जांच होनी चाहिए।

साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) और राज्य महिला आयोगों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत और पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब वीडियो सबूत मौजूद हैं, तो कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है।

खुशबू ने ये भी कहा कि ऐसी घटनाओं से वर्किंग मदर्स विश्वास टूटेगा और उन पर घर पर रहने का सामाजिक दबाव बढ़ेगा। उनके मुताबिक, जब तक कड़े कानून नहीं बनेंगे और उनका सख्ती से पालन नहीं होगा, तब तक बच्चों के साथ इस तरह की घटनाएं रुकना मुश्किल है।

वीडियो सामने के बाद क्या हुआ

जानकारी के लिए बता दें कि बेंगलुरु के कैपजेमिनी (Capgemini) कैंपस में स्थित एक डेकेयर सेंटर में 2 और 3 साल के मासूम बच्चों के साथ बेहद अमानवीय व्यवहार की घटना के वीडियो सामने आये हैं। वीडियो के अनुसार, बच्चों को वॉशिंग मशीन में डाला गया, टॉयलेट बाउल में फेंका गया, बाथरूम में अकेला बंद किया गया और रोने पर उन्हें शांत कराने के बजाय टॉयलेट जेट से पानी डालकर प्रताड़ित किया गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने पांच आयाओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है, डेकेयर सेंटर को बंद कर दिया गया है और मामले की जांच जारी है।