
Tamil director Ramesh Subramaniam death: फिल्म इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। साल 2016 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'विल अंबु' के शानदार डायरेक्शन के लिए पहचाने जाने वाले फेमस तमिल निर्मातारमेश सुब्रमण्यम का का निधन हो गया है। वह महज 49 साल के थे। इतनी कम उम्र में उनके अचानक चले जाने से पूरी तमिल फिल्म इंडस्ट्री सदमे में है और सिनेमा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, डायरेक्टर रमेश सुब्रमण्यम पिछले काफी समय से बोन कैंसर यानी हड्डियों के कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहे थे। पिछले कुछ महीनों से चेन्नई के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज भी चल रहा था। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों और कड़े प्रयासों के बावजूद उनके स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हो पा रहा था और आज उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।
रमेश के परिवार ने बताया है कि उनका अंतिम संस्कार कल सुबह उनके गृह नगर कोयंबटूर जिले के सुगनापुरम में किया जाएगा, जहां उनके करीबी और फैंस उन्हें अंतिम विदाई दे सकेंगे।
रमेश सुब्रमण्यम का करियर बेहद शानदार रही है। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी शुरुआत दिग्गज फिल्म निर्माता सुसेंथिरन संग एक असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में की थी। सालों तक कैमरे के पीछे रहकर बारीकियों को सीखने के बाद, उन्होंने साल 2016 में फिल्म 'विल अंबु' से बतौर निर्देशक अपने करियर का आगाज किया। सुसेंथिरन के ही निर्माण में बनी इस फिल्म में हरीश कल्याण, श्री और मशहूर कॉमेडियन योगी बाबू ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं।
'विल अंबु' की सफलता के बाद, रमेश ने 'द किलर मैन' नाम से एक और बेहतरीन फिल्म बनाई, जिसमें विक्रांत और योगी बाबू मुख्य किरदारों में नजर आए थे। भले ही रमेश ने अपने पूरे करियर में गिनी-चुनी फिल्मों का ही निर्देशन किया, लेकिन सिनेमा के लिए उनके अटूट समर्पण, जुनून और साफ-सुथरी कार्यशैली के कारण उन्होंने बहुत कम समय में फिल्म इंडस्ट्री में एक बड़ा सम्मान और खास पहचान बना ली थी।
रमेश सुब्रमण्यम के निधन की खबर मिलते ही सोशल मीडिया पर उनके फैंस, दोस्तों और सहकर्मियों ने शोक जताना शुरू कर दिया है। फिल्म जगत से जुड़े कई दिग्गजों ने उन्हें एक मृदुभाषी, शांत और बेहद मेहनती इंसान के रूप में याद किया, जिन्होंने हमेशा बिना किसी शोर-शराबे के चुपचाप अपने सपनों को पर्दे पर उतारने का काम किया। तमिल सिनेमा के कई कलाकारों ने कहा है कि रमेश के जाने से इंडस्ट्री ने एक बेहद प्रतिभाशाली और जमीन से जुड़ी हुई कलात्मक रूह को खो दिया है, जिसकी कमी हमेशा खलेगी।