Kasthuri Shankar statement on Vijay's: तमिलनाडु में हाल ही में एक बड़ा सियासी ट्विस्ट देखने को मिला है, जहां कस्तूरी शंकर ने थलपति विजय को लेकर अपनी तीखी टिप्पणी की है। जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।
Kasthuri Shankar statement on Vijay's: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों में एक्टर विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने 108 सीटें जीतकर बड़ी कामयाबी हासिल की, लेकिन राज्य के गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने साफ किया कि इतने सीटों के बाद भी TVK के पास सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत नहीं है। बता दें, इस घोषणा के बाद विजय के सपोर्टस का जश्न जल्द ही खत्म हो गया है और राजनीतिक माहौल में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है।
पार्टी में बहुमत न होने की स्थिति पर भारतीय जनता पार्टी की सदस्य और तमिल एक्ट्रेस कस्तूरी शंकर ने अपनी राय दी। कस्तूरी शंकर ने ANI से बात करते हुए सबसे पहले विजय को तमिलनाडु के लोगों से मिले जनादेश के लिए बधाई दी। इसके बाद उन्होंने बताया कि विजय को इस परेशानियों का सामना इसलिए करना पड़ रहा है क्योंकि उन्होंने खुद को अकेली पार्टी के रूप में पेश नहीं किया, बल्कि कांग्रेस के साथ गठबंधन के तौर पर सरकार बनाने की बात कही।
कस्तूरी शंकर ने बताया कि, "जब विजय सरकार बनाने के लिए गवर्नर से मिले, तो उन्होंने अपने आप को TVK के रूप में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर नहीं दिखाया। उन्होंने कांग्रेस के 5 विधायकों को साथ जोड़कर एक गठबंधन बनाकर बहुमत दिखाने की कोशिश की। मेरा मानना है कि इससे समस्या बनी क्योंकि अगर आप गठबंधन हैं तो आपको साफ बहुमत दिखाना होता है, अब ये यहां फंस गए।"
इतना ही नहीं, गवर्नर ने अब TVK से बहुमत साबित करने को कहा है, जो कि कस्तूरी के मुताबिक कानून और संविधान के सुरक्षित पहलू हैं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में किसी भी हालत में नए चुनाव नहीं चाहते और इसलिए विजय को चाहिए कि वे TVK के रूप में विधानसभा में फ्लोर टेस्ट का सामना करें। कस्तूरी ने सुझाव दिया कि गठबंधन में जाने से पहले विजय को अपनी पार्टी की ताकत पर ध्यान देना चाहिए।
4 मई को चुनाव के परिणाम आने के बाद लोगों ने उम्मीद जताई थी कि विजय के साथ अगली सरकार बनेगी और वो जल्द सीएम पद की शपथ लेंगे, लेकिन इसके बजाय उन्हें दो बार गवर्नर से मुलाकात करनी पड़ी, जहां उन्होंने सरकार बनाने का समर्थन हासिल करने की कोशिश की। गवर्नर के कार्यालय ने बताया कि अभी तक सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत समर्थन नहीं मिला है। इस बयान के बाद पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
हालांकि ये अभी साफ नहीं है कि तमिलनाडु में आगे की राजनीति किस दिशा में बढ़ेगी, लेकिन Vijay और उनकी पार्टी TVK के लिए ये चुनौती होगी कि वे विधानसभा में बहुमत साबित कर सकें और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरें।