
Elephant Attack Case: आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में हाथी के हमले में एक किसान की मौत हो गई। इसके बाद राज्य के उपमुख्यमंत्री और अभिनेता पवन कल्याण ने अधिकारियों को आदेश दिया कि वे जंगली हाथियों के रास्तों की नियमित निगरानी करें और किसानों को पहले से अलर्ट करें।
दरअसल, चित्तूर जिले के कोथुरु गांव में किसान रामकृष्ण राजू की हाथियों के झुंड से कुचले जाने से मौत हो गई। जब यह बात पवन कल्याण को पता चली, जो वन और पर्यावरण मंत्री भी हैं, तो उन्होंने दुख जताया और वन विभाग से पूरी जानकारी मांगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि हाथियों का झुंड जहां से गुजरता है उन रास्तों पर नजर रखी जाए और प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को पहले से चेतावनी दी जाए। उन्होंने वन विभाग और जिला प्रशासन को आदेश दिया कि पीड़ित परिवार को तुरंत मुआवजा प्रदान किया जाए।
45 वर्षीय रामकृष्ण अपने खेत पर गए थे, लेकिन देर रात तक घर न लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश की। बाद में उन्हें खेत में मृत पाया गया। पिछले एक महीने में चित्तूर में यह दूसरी ऐसी घटना है। पिछले महीने नागमवंडलापल्ली गांव में 60 वर्षीय एक किसान की जंगली हाथी ने जान ले ली थी।
पिछले तीन महीनों से चित्तूर जिले में करीब 15 जंगली हाथियों का झुंड घूम रहा है, जो खेतों को बर्बाद कर रहा है। वन विभाग की कोशिशों के बावजूद ये हाथी लोगों और फसलों के लिए खतरा बने हुए हैं। इलाके में हाथियों के हमले बढ़ने से लोगों में डर और चिंता है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2011 से अब तक हाथियों के हमले में 25 लोगों की जान जा चुकी है। सरकार ने हाल ही में मरने वालों के परिवारों को मिलने वाले मुआवजे को 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया है।
2015 से 2024 के बीच हाथियों ने 203 एकड़ से ज्यादा फसलें नष्ट की हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कर्नाटक से लाए गए और दो प्रशिक्षित कुमकी हाथियों के बावजूद, वन विभाग इनका ठीक से इस्तेमाल नहीं कर पा रहा।