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कौन थे सिंगितम श्रीनिवासन? 94 साल की उम्र में ली आखिरी सांस, जूनियर NTR समेत कई अभिनेताओं ने दी श्रद्धांजलि

Singeetam Srinivasa Rao Dies: दिग्गज फिल्ममेकर, लेखक और संगीतकार सिंगीतम श्रीनिवास राव का 94 साल की उम्र में निधन हो गया। खबरों की मानें तो वो उम्र से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे थे।
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Oct 04, 2026
Singeetam Srinivasa Rao Death
Singeetam Srinivasa Rao Death (फोटो सोर्स- IMDb)

Singeetam Srinivasa Rao Death: भारतीय सिनेमा के दिग्गज फिल्ममेकर, लेखक और संगीतकार सिंगीतम श्रीनिवास राव का 94 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने शनिवार रात चेन्नई के कावेरी अस्पताल में अंतिम सांस ली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के चलते अस्पताल में इलाज करा रहे थे। उनके निधन से दक्षिण भारतीय सिनेमा के साथ-साथ पूरे भारतीय फिल्म जगत में शोक की लहर है।

सिंगीतम श्रीनिवास राव का फिल्मी करियर छह दशक से भी ज्यादा लंबा रहा। उन्होंने तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम और हिंदी समेत कई भाषाओं में काम किया। अपने लंबे करियर में उन्होंने 60 से ज्यादा फिल्मों का निर्देशन किया और कॉमेडी, फैंटेसी, साइंस फिक्शन, ड्रामा और प्रयोगात्मक सिनेमा जैसे अलग-अलग जॉनर में अपनी पहचान बनाई।

कौन थे सिंगीतम श्रीनिवास राव?

सिंगीतम श्रीनिवास राव का जन्म 21 सितंबर 1931 को आंध्र प्रदेश के गुडूर में हुआ था। उन्होंने फिल्मी दुनिया में शुरुआत मशहूर निर्देशक के. वी. रेड्डी के साथ काम करके की। वह 1957 की क्लासिक फिल्म 'मायाबाजार' से भी जुड़े रहे। इसके बाद उन्होंने निर्देशन की दुनिया में कदम रखा और 1972 में फिल्म 'नीति निजायिति' से बतौर निर्देशक अपनी यात्रा शुरू की।

इसके बाद सिंगीतम ने लगातार ऐसी फिल्मों पर काम किया, जिनमें कहानी कहने के पारंपरिक तरीकों से अलग प्रयोग नजर आए। उनकी फिल्मों ने न सिर्फ दर्शकों का मनोरंजन किया बल्कि भारतीय सिनेमा में नए विषयों और तकनीकों के इस्तेमाल की संभावनाएं भी दिखाई।

'पुष्पक विमान' से बनाई अलग पहचान

सिंगीतम श्रीनिवास राव की सबसे चर्चित फिल्मों में 'पुष्पक विमान' का नाम सबसे ऊपर आता है। 1987 में रिलीज हुई इस फिल्म में कमल हासन मुख्य भूमिका में थे। खास बात यह थी कि फिल्म में संवाद नहीं थे। इसके बावजूद कहानी, अभिनय, हावभाव और विजुअल्स के जरिए दर्शकों तक पूरी बात पहुंचाई गई।

फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों से काफी सराहना मिली और इसे सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला। 'पुष्पक विमान' को आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे अनोखे प्रयोगों में गिना जाता है।

'मयूरी' में दिखाई अलग तरह की कहानी

सिंगीतम की एक और महत्वपूर्ण फिल्म 'मयूरी' थी, जो 1985 में रिलीज हुई थी। यह फिल्म मशहूर डांसर सुधा चंद्रन के जीवन से प्रेरित थी। फिल्म ने दर्शकों के बीच अपनी खास जगह बनाई और इसे कई पुरस्कार भी मिले।

उनकी फिल्मों की खासियत यही थी कि वह अलग-अलग विषयों को मनोरंजक तरीके से दर्शकों तक पहुंचाने में सफल रहे। कॉमेडी हो, बायोपिक हो या फैंटेसी, सिंगीतम ने हर शैली में अपनी अलग छाप छोड़ी।

'आदित्य 369' ने साइंस फिक्शन में रचा इतिहास

तेलुगु सिनेमा में सिंगीतम श्रीनिवास राव की सबसे यादगार फिल्मों में 'आदित्य 369' भी शामिल है। 1991 में आई इस फिल्म में नंदमुरी बालकृष्ण मुख्य भूमिका में थे और कहानी टाइम ट्रैवल के इर्द-गिर्द घूमती थी।

जिस दौर में भारतीय फिल्मों में साइंस फिक्शन और टाइम ट्रैवल जैसे विषय बहुत कम देखने को मिलते थे, उस समय सिंगीतम ने इस विषय को बड़े पर्दे पर पेश किया। यही वजह है कि 'आदित्य 369' को तेलुगु सिनेमा की महत्वपूर्ण साइंस फिक्शन फिल्मों में गिना जाता है।

कमल हासन के साथ भी यादगार काम

सिंगीतम श्रीनिवास राव और अभिनेता कमल हासन की जोड़ी ने भी कई यादगार फिल्में दीं। 'पुष्पक विमान' के अलावा दोनों ने 'अपूर्वा सगोदरंगल' और 'माइकल मदना काम राजन' जैसी फिल्मों में साथ काम किया।

उनकी फिल्मों में प्रयोग, कॉमेडी और अलग तरह की कहानी कहने की शैली दिखाई देती थी। यही वजह है कि उनका काम एक भाषा या एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा।

94 की उम्र में भी नहीं छोड़ा सिनेमा

सिंगीतम श्रीनिवास राव की सबसे खास बात यह रही कि उम्र बढ़ने के बावजूद उनका सिनेमा के प्रति जुनून कम नहीं हुआ। 94 साल की उम्र में भी उन्होंने 'सिंग गीथम' नाम की फिल्म का निर्देशन किया। यह फिल्म नाग अश्विन द्वारा निर्मित एक म्यूजिकल फैंटेसी प्रोजेक्ट थी और इस साल पूरी हुई।

जूनियर NTR ने दी श्रद्धांजलि

सिंगीतम के निधन की खबर सामने आने के बाद कई फिल्मी हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। अभिनेता जूनियर NTR ने सोशल मीडिया पर उन्हें याद करते हुए कहा कि उनका जाना बेहद दुखद है। उन्होंने 'आदित्य 369', 'पुष्पक विमान' और 'मयूरी' जैसी फिल्मों का जिक्र करते हुए सिंगीतम को ऐसा विजनरी फिल्ममेकर बताया, जो अपने समय से काफी आगे सोचते थे। संगीतकार देवी श्री प्रसाद ने भी सिंगीतम को याद करते हुए उनके साथ काम करने को अपने लिए सौभाग्य बताया और उनकी फिल्मों तथा सोच की तारीफ की।

सिंगीतम श्रीनिवास राव का जाना भारतीय सिनेमा के उस दौर के एक ऐसे फिल्मकार का अंत है, जिसने बिना किसी एक फॉर्मूले तक सीमित हुए अलग-अलग भाषाओं और जॉनर में काम किया। 'पुष्पक विमान', 'मयूरी' और 'आदित्य 369' जैसी फिल्मों के जरिए उनकी सिनेमाई विरासत लंबे समय तक दर्शकों और फिल्मकारों को प्रेरित करती रहेगी।

Updated on:
04 Oct 2026 11:13 am
Published on:
04 Oct 2026 11:07 am
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