
टोंक। पुलिस की डीएसटी ने ऑपरेशन हंटर के तहत साइबर ठगी के मामले में 90 लाख रुपए के फ्रॉड का खुलासा किया है। टीम ने मामले में पुरानी टोंक क्षेत्र से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी मोबाइल पर फर्जी लिंक भेजकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे और 100 से ज्यादा फर्जी सिम का इस्तेमाल करते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से पासबुक, एटीएम कार्ड, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, कई मोबाइल और दो महंगी पावर बाइक जब्त की है।
डीएसपी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी उनियारा थाना क्षेत्र के चतरपुरा निवासी नमोनारायण उर्फ नमो पुत्र रामफूल मीणा और बनेठा थाना क्षेत्र के खोहल्या निवासी आकाश पुत्र रामेश्वर मीणा है। इन आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध एनसीआरपी पोर्टल पर करीब 21 ऑनलाइन शिकायतें दर्ज है। पुलिस अब इन आरोपियों को रिमांड पर लेकर और पूछताछ करेगी। इनसे और मामले खुलने की संभावना है।
ओमप्रकाश चौधरी ने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीना, एएसपी रतन लाल भार्गव के निर्देशन व टोंक पुलिस उपाधीक्षक मृत्युंज्य मिश्रा के सुपरविजन में डीएसटी ने की। टीम ने ऑपरेशन हंटर के तहत शुक्रवार देर रात पुरानी टोंक क्षेत्र में कार्रवाई की है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध पुलिस थाना पुरानी टोंक में साइबर अपराध की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।
चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों आरोपियों की उम्र काफी कम है। टीम प्रभारी ने बताया कि नमोनारायण मीणा की उम्र 19 और आकाश मीणा की उम्र महज 20 साल है। यह उम्र पढ़ाई करने की है। लेकिन आरोपियों ने शिक्षा को छोड़कर अपराध की राह पकड़ ली। इसका कारण जल्द अमीर बनना और जिंदगी को मौज मस्ती से गुजारना है।
दोनों आरोपियों के मोबाइल फोनों की जांच की गई। इसमें सामने आया कि अभी तक आरोपियों ने करीब 100 से अधिक फर्जी सीम का उपयोग किया है, जो अलग-अलग नाम से सिम जारी करा कर साइबर फ्रॉड को अंजाम देते थे। दोनों ही आरोपी लंबे समय से फर्जी ट्रेड लिंक, सेक्सटॉर्शन, फर्जी बीमा कंपनियों के माध्यम से टेलीग्राम व व्हाट्सएप एप से लिंक भेज कर आम जनता को मोटी रकम का लालच देकर साइबर फ्रॉड करते आ रहे थे।