घटिया निर्माण सामग्री के कारण बारिश के दौरान छत्त से पानी टपकने के साथ ही दीवारों में कई जगह दरारे आ रखी है।
राजमहल। शिक्षा विभाग व ग्राम पंचायत प्रशासन की अनदेखी के कारण क्षेत्र के कुशालपुरा गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय के बालक बालिकाएं क्षतिग्रस्त भवन में रोजाना हादसे की दहशत के बीच पढ़ाई करने को मजबूर है।
विद्यालय परिसर में हर वर्ष बारिश के दौरान भरते पानी के कारण भवन की दीवारों में जगह जगह दरारे आ चुकी है। वही भवन के छत की कई पट्टियां बीच में से टूट चुकी जहां कभी भी बडा हादसा हो सकता है।
गत वर्ष भी बारिश के दौरान विद्यालय भवन में पानी भरने व दरकी दीवारों के कारण एक पखवाड़े तक विद्यालय के बालकों को छुट्टी करनी पड़ी थी।
इसी प्रकार राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय राजमहल में बने कमरें घटिया निर्माण सामग्री के कारण बारिश के दौरान छत्त से पानी टपकने के साथ ही दीवारों में कई जगह दरारे आ रखी है।
जिसके बारे में ब्लाक शिक्षा अधिकारी सहित पंचायत सरपंच को कई बार अवगत करवाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
राहगिर हो रहे परेशान, लोगों का गांव से बाहर निकलना हो जाता है दुश्वार
राजमहल। कस्बे के देवली सडक़ मार्ग पर सार्वजनिक निर्माण विभाग के ठेकेदार की ओर से सडक़ निर्माण से पहले ही सडक़ के दोनों तरफ मिट्टी के ढ़ेर लगा देने के कारण राहगिरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के दौरान बिछाई गई मिट्टी सडक़ पर फैलकर कीचड़ में तब्दील होने से रोजाना बाईक चालक गिरकर चोटिल हो रहे है।
उल्लेखनीय है कि सार्वजनिक निर्माण विभाग के ठेकेदार की ओर से गत दिनों गांव के बीसलपुर- टोंक-उनियारा पेयजल परियोजना के फिल्टर प्लांट से बीसलपुर चोराहे तक लगभग दो किमी दूरी पर डामरीकरण से पूर्व ही ग्रेवल बिछाने के बजाय सडक़ के दोनों तरफ खेतों में खाईंयां खोदकर कर मिट्टी डाल दी गई है।
जिसे ठेकेदार की ओर से बिछाना छोडकऱ मिट्टी केे ढ़ेर ज्यों के त्यों छोड़ दिये गये है। ये मिट्टी बारिश के दौरान पानी में बहकर सडक़ पर एकत्र हो गई।
जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी प्रकार पंचातय प्रशासन की अनेदखी के कारण पिछले कई वर्षो से काली माई की झोपड़ा गांव के मुख्य मार्ग पर सडक़ निर्माण नहीं करवाने से बारिश का पानी मुख्य मार्ग व घरों के बाहर भर जाता है।
जिससे ग्रामीणों के वाहन तो दूर पैदल गुजरना भी मुस्किल हो रखा है। ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बारिश का मौसम शुरू होते है गांव में कीचड़ से बुरा हाल हो जाता है।
मुख्य मार्ग व घरों के बाहर घुटनों तक पानी भरा रहने से तीन माह तक लोगों का जीना दुश्वार हो जाता है। ग्रामीणों की ओर से इस बारे में कई बार ग्राम पंचायत प्रशासन को अवगत भी करवाया गया मगर कोई कार्रवाई नहीं करने से लोगों मेें नाराजगी बनी हुई है।