
टोंक. एम्बुलेंस 108 में तैनात एक चालक की शुक्रवार सुबह तनाव के चलते तबीयत खराब हो गई। उसे सआदत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ये चालक सदर थाना क्षेत्र में नियुक्त एम्बुलेंस 108 का चालक टोंक निवासी सीताराम नायक है।
उसने आरोप लगाया कि गत 9 दिनों से उससे 24 घंटे एम्बुलेंस चलाई जा रही है। कम्पनी के अधिकारी मोबाइल फोन पर बदतमीजी करते हैं और घायलों को टोंक के सआदत अस्पताल तथा यहां से जयपुर एसएमएस अस्पताल ले जाने का दबाव बनाते हैं। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की धमकी देते हैं।
लगातार काम करने के चलते सुबह उसकी तबीयत खराब हो गई। ऐसे में साथी परिचालकों ने उसे सआदत अस्पताल में भर्ती कराया। उसने बताया कि पहले ऐसा नहीं था, लेकिन गत कई दिनों से दिनरात एम्बुलेंस चलवाई जा रही है। जबकि ऐसा मुमकिन नहीं है।
गत 9 दिनों से घर भी नहीं जा पाया। दिनरात एम्बुलेंस चलाने व उसी में रहने से तनाव बढ़ गया और तबीयत खराब हो गई। उसने बताया कि वह कम्पनी अधिकारियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत देगा। साथ ही जिला कलक्टर को भी शिकायत देगा।
उसने कई बार कम्पनी अधिकारियों को अपनी स्थिति से अवगत कराया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में वह लगातार तनावग्रस्त हो गया। लगातार काम करने के चलते शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम हो गई और तबीयत खराब होने लगी।
इधर, मामले को लेकर कम्पनी के इमरजेंसी मैनेजमेंट एक्जीक्टीव चन्द्रवीर ने बताया बुधवार को अवकाश के लिए फोन आया था, लेकिन वह स्वयं मेडिकल लीव पर धौलपुर है। इसलिए उन्हें सीताराम के बारे में जानकारी नहीं है। प्रोग्राम मैनेजर ही कुछ बता सकते है।
कर्मचारियों की अस्पताल में लगी भीड़
चालक की तबीयत खराब होने के बाद सआदत अस्पताल में एम्बूलेंस 108 के चालक व नर्सिंगकर्मियों की भीड़ लग गई। चालक सीताराम के साथ हुए बर्ताव से उनमें कम्पनी के प्रति नाराजगी थी। वे अब कठोर कदम उठाने की तैयारी कर रहे हैंं। सीताराम ने बताया कि वह कम्पनी अधिकारियों के खिलाफ जिला प्रशासन में शिकायत करेगा।
चालकों से बारह घंटे ही ड्यूटी ली जा सकती है। अगर 24 घंटे सेवा ली जा रही है तो गलत है। आगे से ऐसा नहीं होगा।
अरुणप्रताप, प्रोग्राम मैनेजर, 108 एम्बुलेंस