
टोंक. सरकारी विद्यालयों को पीपीपी मोड पर देने के विरोध में बुधवार को राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत की ओर से जिलेभर में प्रदर्शन किया गया। शहर में सरकार के नाम एसडीओ को ज्ञापन सौंपा।
इसमें बताया कि सार्वजनिक निजी सहभागिता के तहत प्रथम चरण मेंं सरकार ने प्रदेश के 300 विद्यालयों को पीपीपी मोड पर देने का निर्णय किया है। शिक्षक इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसके विरोधस्वरूप शिक्षक संघ शेखावत से जुड़े शिक्षक दोपहर को कलक्ट्रेट में एकत्र हुए।
इसके बाद प्रदर्शन कर एसडीओ को ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया कि सरकारी उपक्रमों को पीपीपी मोड पर देने का निर्णय वापस लिया जाए। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष ज्ञानसिंह, मंत्री लादूलाल चौधरी, हरपाल, रामबाबू, कुलदीप शर्मा, बाबूलाल विजय, शंकरलाल आदि शिक्षक शामिल थे। इसी प्रकार महिला सरकारी समिति जंवाली व किसान महापंचायत ने भी सरकार के पीपीपी मोड के निर्णय पर नाराजगी जताते हुए ज्ञापन सौंपा।
टोडारायसिंह. सरकारी विद्यालयों को पीपीपी मोड पर देने व 2012 के एरियर का बजट नहीं देने के विरोध में शिक्षक संघ शेखावत शाखा टोडारायसिंह की ओर से उपखण्ड मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया गया। इसके बाद उपखण्ड अधिकारी साधूराम जाट को ज्ञापन सौंपा।
तहसील अध्यक्ष शिवराज गुर्जर की अगुवाई में दिए ज्ञापन में शिक्षकों ने बताया कि सरकार महत्वपूर्ण लोक कल्याण उत्तरदायित्व को वहन करने से पीछे हट रही है। राजकीय विद्यालयों का निजीकरण कर सरकार सरकार आमजन के हितों पर कुठाराघात कर रही है।
ज्ञापन देने वालों में जिला संरक्षक छोटूलाल, विनेश जैन, महावीर असवार, हरिराम, देवन्द्र चावला, राजेन्द्र वैष्णव, रामगोपाल कुमावत, ओमप्रकाश शर्मा, हरिराम मीणा समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
निवाई. शिक्षक संघ शेखावत ने शिक्षा-चिकित्सा बचाओ अभियान के तहत मुख्यमंत्री के नाम उपखण्ड अधिकारी हरिताभ आदित्य को ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया कि राजकीय विद्यालयों का निजीकरण करने से आमजन के हितों पर कुठाराघात होगा। ज्ञापन देने वालों में तहसील अध्यक्ष शिवजीलाल, मंत्री विनोद जैन, रामअवतार, मनमोहन चौधरी, रामधन, भगवानसिंह एवं पीटीआई रामधन आदि मौजूद थे।