टोंक

सहकारी समिति में लाखों का गबन, विभाग ने जांच तक नहीं करवाई

ग्राम सेवा सहकारी समिति पर पांच साल से लटका तालाकृषि ऋण व खाद के लिए तरस रहे किसान
2 min read
Oct 29, 2020
सहकारी समिति में लाखों का गबन, विभाग ने जांच तक नहीं करवाई
सहकारी समिति में लाखों का गबन, विभाग ने जांच तक नहीं करवाई


राजमहल. किसानों को कृषि ऋण के साथ ही उचित मूल्य पर खाद व बीज मुहैया करवाने वाली राजमहल कस्बे की ग्राम सेवा सहकारी समिति में पिछले कई पांच वर्षों से ताला लटका हुआ है। समिति में वर्षों से चले आ रहे लाखों रुपए के गबन के मामले को लेकर कृषि ऋण के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है।, जिसको लेकर कॉपरेटिव बैंक व ग्राम सेवा सहकारी समिति के आला अधिकारियों की ओर अब तक ना तो गबन की जांच करवाई गई है और ना ही दोषी व्यवस्थापक से बकाया पैसे वसूली का इंतजाम किया है। विभाग की इसी अनदेखी के कारण यहां के किसानों को फसली ऋण व खाद बीज के लिए पिछले पांच साल से देवली कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे है। यहां के सैकड़ों किसान लगातार कृषि ऋण व खाद वितरण की मांग करते आ रहे है,लेकिन पांच वर्ष गुजर जाने के बाद भी ऋण नहीं मिलने से किसानों में नाराजगी बनी हुई है।
धूल चाट रही फाइलें, जांच तक नहीं-
कस्बे की ग्राम सेवा सहकारी समिति में पांच वर्षों से ताला लगा हुआ है। जहां पर ग्राम सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष व सदस्यों की अनुशंसा पर अस्थाई व्यवस्थापक लगाया गया था, जिसकी ओर से यहां पर लाखों की कीमत के खाद-बीज को नकद राशि में किसानों को बेचकर विभाग व सम्बन्धित खाद कम्पनी को राशि जमा तक नहीं करवाई गई, जो अब तक बकाया चल रही है। विभाग की ओर से व्यवस्थापक की ओर से बकाया राशि जमा नहीं करवाने सहित अन्य कई मामलों की आज तक जांच तक नहीं करवाई गई है, जिसका नुकसान यहां के किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
समिति का भी नहीं है ध्यान-
ग्राम सेवा सहकारी समितियों को सुव्यवस्थित चलाने के लिए सरकार की ओर से समिति का चुनाव करवाया जाता है, जिसमें समिति के सदस्य ही मतदान करते है। जीते हुए सदस्य मतदान कर अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बनाते है। यहां पांच वर्ष से चली आ रही समिति के अध्यक्ष व अन्य सदस्यों ने भी कभी ऋण वितरण व अनियमितता को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की है।
लाखों का बीज गोदाम लैप्स- कस्बे में लगभग पांच पूर्व खाद कम्पनी के एमडी ने किसानों की बैठक लेकर गांव की भौगोलिक स्थिति को मध्यनजर रखते हुए लाखों की कीमत का जिले में पहला बीज गोदाम बनाने की घोषणा की थी, लेकिन यहां पूर्व में दी गई खाद की राशि समय पर जमा नहीं होने से उक्त बीज गोदाम का निर्माण नहीं हो पाया और कम्पनी ने राशि लैप्स कर दी।

राजमहल ग्राम सेवा सहकारी समिति में पांच वर्षों से सरकारी व्यवस्थापक नहीं होकर अध्यक्ष की अनुसंशा पर लगे व्यवस्थापक होने से लाखों की गड़बड़ हो रखी है। करीब पांच पूर्व आई खाद को व्यवस्थापक ने नकद राशि में बैचकर विभाग में रुपए जमा नहीं करवाए है, जिससे किसानों को हर वर्ष मिलने वाले फसली ऋण व खाद नहीं मिल पाया है। अब यहां जल्द ही पनवाड़ की ग्राम सेवा सहकारी समिति के सरकारी व्यवस्थापक सुरेन्द्र जैन को लगाकर इसी माह के आखिरी तक ऋण वितरण करवाने के प्रयास किया जा रहा है। यहां पर सरकारी व्यवस्थापक लगाकर अनियमितता की जांच भी करवाई जाएगी।
विक्रम चौधरी मैनेजर ऑपरेशन कॉपरेटिव बैंक टोंक।

Published on:
29 Oct 2020 09:36 am