लक्ष्य अनुसार लाभान्वितों को जयपुर ले जाने के लिए अधिकारी व कार्मिक घर-घर दस्तक दे रहे हैं।
टोंक. जरूरतमंदों को योजनाओं का लाभ देने के लिए अधिकारियों व कार्मिकों ने जिन लोगों को पहले खूब चक्कर लगवाए, वे अधिकारी व कार्मिक ही अब प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में ले जाने के लिए लाभान्वितों की मनुहार में जुटे हैं।
इसको लेकर बैठकों का दौर जारी है। कार्मिकों को घर-घर भटकते देख ग्रामीण यह कहने से नहीं चूक रहे कि अब आया ऊंट पहाड़ के नीचे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जयपुर में सात जुलाई को सभा होगी।
इसको लेकर इस बार प्रदेश के सभी 33 जिला कलक्टरों को लाभान्वितों को जयपुर लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके तहत जिले से छह हजार लोगों को जयपुर ले जाने का प्रशासन को लक्ष्य मिला है। प्रशासन की ओर से ही बसों की व्यवस्था की जानी है।
कलक्टर ने इसको लेकर विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है। इनमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी, रसद विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, नगरपरिषद, पंचायत समिति समेत अन्य विभाग शामिल है।
जबकि आमतौर पर रैली, अधिवेशन में ग्रामीणों की भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी जनप्रतिनिधियों व संगठन पदाधिकारियों को मिलती रही है। पहली बार सरकारी तंत्र को यह लक्ष्य मिलने से विभागीय अधिकारियों व कार्मिकों के हाथ-पैर फूल रहे हैं। रैलियों व सभा में लोगों को लाने-ले जाने का अनुभव नहीं होने से भी अधिकारी चिंतित है।
नौ योजनाओं के लाभान्वित जाएंगे
प्रधानमंत्री आवास, उज्जवला, श्रमिक कार्ड, मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन, भामाशाह चिकित्सा योजना, स्कूटी वितरण लाभान्वित, पालनहार, तीर्थयात्रा, फसल ऋणमाफी आदि नौ योजनाओं से लाभान्वित लोग जयपुर पहुंचेंगे। लक्ष्य के मुताबिक छह हजार लोगों को ले जाने के लिए भाजपा पदाधिकारियों से अधिक प्रशासन चिंतित है।
परिजन व महिलाएं राजी नहीं
लक्ष्य अनुसार लाभान्वितों को जयपुर ले जाने के लिए अधिकारी व कार्मिक घर-घर दस्तक दे रहे हैं। इसके बावजूद कई ग्रामीण खेती-बाड़ी का बहाना कर टाल रहे है। महिलाएं व परिजन सुरक्षा की दृष्टि को लेकर तैयार नहीं हो रहे।
जबकि लाभान्वितों में महिलाओं को ले जाने की भी जिम्मेदारी भी मिली है। इसके जयपुर जाने वाले लोगों के अल्पाहार व भोजन की व्यवस्था भी प्रशासन की ओर से ही की जानी है। अभी यह तय नहीं है कि भोजन की व्यवस्था कौनसे विभाग की ओर से की जाएगी।
पंचायत समिति से जुड़े कर्मचारी उसे जयपुर ले जाने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन हंकाई, जुताई के दिन होने से उन्हें फिलहाल फुरसत नहीं है।
रामफूल, नयागांव निवासी लाभान्वित
योजनाओं से लाभान्वित पांच सौ लोगों को प्रधानमंत्री की सभा में ले जाने का लक्ष्य मिला है। घर-घर दस्तक देकर इन्हें तैयार किया जा रहा है।
धर्मराज, सहायक निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता
जिले से 6 हजार लाभान्वितों को सभा में 7 जुलाई को ले जाने का लक्ष्य है। बसों का इंतजाम प्रशासन की ओर से किया जाएगा। विभागों को लक्ष्य दिया गया है।
लोकेशकुमार गौतम, अतिरिक्त जिला कलक्टर टोंक।