
राजमहल. वर्षों से अतिक्रमण के शिकार राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान परिसर से एक बार फिर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। विद्यालय प्रशासन की ओर से सुबह खेल मैदान में जेसीबी चलाकर बबूल आदि हटाने शुरू कर दिए हैं। उल्लेखनीय है कि लगभग तीस वर्ष पूर्व राज्य सरकार की ओर से देवीखेड़ा मार्ग के खसरा संख्या 85 पर लगभग दो हैक्टेयर भूमि खेल मैदान के नाम से आवंटित की गई थी।
जहां विद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक ना तो पक्की दीवार का निर्माण कराया है ना ही मिट्टी की दीवार बनवाई है। इसके चलते धीरे-धीरे खेल मैदान भूमि पर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया। अब अतिक्रमण के कारण यहां महज दो बीघा भूमि ही शेष बची हुई। इसको लेकर शाला विकास समिति की ओर से गत दिनों सम्पर्क पोर्टल सहित राजस्व विभाग के अधिकारियों को शिकायत कर अतिक्रमण हटाने की मांग की गई थी।
हालांकि राजकीय विद्यालय के खेल मैदान भूमि पर हो रखे अतिक्रमण को लेकर कभी-कभार विद्यालय प्रशासन सतर्क तो होता है, लेकिन ये कार्रवाई महज बबूल उखाडऩे तक ठहर जाती है। इसके आगे शाला प्रशासन की ओर से चारदीवारी बनवाने की कार्रवाई नहीं की जाती है। इससे खेल मैदान कुछ ही दिनों में वापस अतिक्रमण के आगोश में समा जाता है। ऐसे में इसकी उपयोगिता साबित नहीं हो रही थी।
राजस्व विभाग की ओर से फिलहाल बबूल हटाने के आदेश मिले हैं, जो करा रहे हंै। अब अतिक्रमण हटवाने की आगे की कार्रवाई को अंजाम देना प्रशासन का काम है।
सत्यनारायण गुप्ता, प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय राजमहल।
फिलहाल जरीब डालने में बाधा बने बबूलों को हटवाया जा रहा है। जल्द ही अतिक्रमण भी हटवाया जाएगा।
मानसिंह आमेरा, तहसीलदार देवली।
प्रशिक्षण दिया
उनियारा. राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत ब्लॉक की एएनएम को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में जिला नोडल अधिकारी डॉ. सीपी बैरवा ने मानसिक रोगों के लक्षण, कारण एवं उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मानसिक रोगियों की देखाभाल एवं उपचार के बारे में बताया। डॉ. इशाक मोहम्मद ने यह जानकारी दी।