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रामलीला का आयोजन तब ही सफल होगा, जब प्रत्येक व्यक्ति भगवान राम के आदर्श को अपने जीवन में उतारे

निवाई. प्रताप स्टेडियम में नगरपालिका की ओर से आयोजित रामलीला की शुरुआत बुधवार देर रात समारोहपूर्वक किया गया।

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Oct 12, 2018
निवाई प्रताप स्टेडियम में आयोजित रामलीला के उद्घाटन समारोह में सम्बोधित करते अतिथि।

निवाई. उपखण्ड मुख्यालय स्थित प्रताप स्टेडियम में नगरपालिका की ओर से आयोजित रामलीला की शुरुआत बुधवार देर रात समारोहपूर्वक किया गया। रामलीला की शुरुआत पंडित महेश दत्त शर्मा एवं संत मनीष दास ने फीता काट कर की। समारोह में सम्बोधित करते हुए पंडित महेश दत्त शर्मा ने कहा कि रामलीला का आयोजन तब ही सफल होगा, जब प्रत्येक व्यक्ति भगवान राम के आदर्श को अपने जीवन में उतारकर नि:स्वार्थ भावना से समाजसेवा के लिए कार्य करें। उन्होंने कहा कि भगवान ने किसी न किसी रूप में अवतार लेकर हमेशा पापियों का नाश कर संसार को एक नई दिशा प्रदान की है। संत मनीष दास ने कहा कि रामलीला आस्था का प्रतीक है। दशहरा बुराई व अहंकार पर विजय का प्रतीक है। नगरपालिका अध्यक्ष राजकुमारी शर्मा ने कहा कि रामलीला को सफल बनाने के लिए सभी की सहभागिता आवश्यक है।

इस दौरान भाजपा शहर अध्यक्ष रामावतार घाटी, पार्षद रतनदीप गुर्जर, रमेश सोनी, सरोज किराड़, सुशीला वर्मा, अधिशासी अधिकारी पुरुषोत्तम पवार, भाजपा महामंत्री मनोज पाटनी, कमलेश सैनी, ओमप्रकाश शर्मा, इसाक मुगल, शिवप्रकाश पारीक, हेमंत बटावती, राजेंद्र जैन, नवाब अली, चंद्रकला खंडेलवाल, कमलेश किराड, सत्यनारायण जायसवाल, गुर्जरमल शर्मा एवं ओमप्रकाश पारीक मौजूद थे।

पंडित महेश दत्त शर्मा, संत मनीष दास, नगरपालिका अध्यक्ष राजकुमारी शर्मा, भाजपा शहर अध्यक्ष रामावतार घाटी, पार्षद रतनदीप गुर्जर एवं अधिशासी अधिकारी पुरुषोत्तम पंवार की ओर से विधिवत रूप से भगवान राम की आरती उतारकर रामलीला की शुरुआत की गई। इसके पश्चात कलाकारों द्वारा भगवान राम के जीवन की अनेक घटनाओं का मंचन किया।

रासलीला का मंचन हुआ

उनियारा. कस्बे में नवरात्रा महोत्सव के दौरान श्रीचामुण्डा माता मंदिर परिसर में रासलीला का मंचन हुआ। श्रीचामुण्डा माता सेवा समिति एवं जनसहयोग से शुरू हुए कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि तहसीलदार गजानन्द जांगिड़ ने माता एवं भगवान श्री कृष्ण की पूजा-अर्चना कर फीता काटकर की। अध्यक्षता व्याख्याता अशोक कुमार जैन ने की। जबकि विशिष्ट अतिथि प्रधानाचार्य रामप्रसाद मीणा एवं सेवानिवृत बीईईओ रामस्वरूप धाकड़ थे।

इधर, देवकी विवाह, श्री कृष्ण जन्म आदि प्रसंगों का वृंदावन से आए राधांचल के कलाकारों की ओर से मंचन किया गया। समिति के भीमसिंह गौड़ ने बताया कि शुक्रवार को मीरा बाई के जीवन चरित्र का मंचन किया जाएगा।

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Published on:
12 Oct 2018 01:50 pm
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