
बंथली. दूनी के कालाकाकरा मार्ग सरस्वती आदर्श विद्या मंदिर विद्यालय में राजस्थान कृषि प्रतिस्पद्र्धात्मक परियोजना एवं पशुपालन विभाग की ओर से रविवार को एक दिवसीय बकरा-बकरी प्रदर्शनी एवं सेमिनार का आयोजन हुआ।
समारोह की अध्यक्षता कर रहे भाजपा पंचायतराज प्रकोष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष उदयलाल गुर्जर ने कहा कि कृषि मंत्री डॉ. प्रभुलाल सैनी की दूरदर्शी सोच की बदोलत राज्य के किसान-पशुपालक कृषि एवं पशुपालन विभााग की नवीन एवं लाभदायक योजनाओं से जुड़ सक्षम एवं समृद्ध हो रहे है। मुख्य अतिथि कृषि उपज मंड़ी समिति अध्यक्ष बाबूलाल जांगिड़ ने पशुपालकों से संचालित योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने को कहा।
पशुपालन विभाग टोंक के संयुक्त निदेशक डॉ. दिलीप सिंह, उपनिदेशक डॉ. ओमप्रकाश कोली, केवीके वनस्थली के डॉ. गीतम सिंह, राजस्थान कृषि प्रतिस्पद्र्धात्मक परियोजना दूनी-देवली कलस्टर प्रभारी गणपत शर्मा ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी।
नोडल प्रभारी डॉ. ए. के. पांड़े ने बताया कि आयोजित प्रदर्शनी एवं सेमिनार में विभागीय अधिकारियों की ओर से संचालित योजनाओं की जानकारी दी। इसके बाद निर्णायक मण्ड़ल के डॉ. रामेश्वर चौधरी, डॉ. फहीम अख्तर व पंकज गौखरू ने पशुपालकों की ओर से प्रदर्शनी में लाए गए बकरा-बकरी की विशेषताएं देख उनको को प्रदर्शनी में शामिल करने का निर्णय दिया। जिन्हें बाद में अतिथियों ने नकद एवं प्रमाण-पत्र देकर पुरस्कृत किया।
प्रदर्शनी में उन्नत नस्ल बकरे का प्रथम पुरस्कार रामपुरा निवासी हेमराज धोबी, द्वितीय धारोला बाबूलाल सैन, तृतीय सरदारपुरा निवासी शरमा देवी, उन्नत नस्ल बकरी का प्रथम पुरस्कार बंथली घीसी देवी, द्वितीय राजनगर निवासी बाबूलाल मीणा, तृतीय बंथली निवासी दूर्गादेवी गुर्जर, सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन वाली बकरी का प्रथम पुरस्कार दूनी निवासी दुर्गादेवी गुर्जर, प्रगतिशील बकरा-बकरी पशुपालक का प्रथम पुरस्कार सरदारपुरा निवासी शरमा देवी, द्वितीय राजनगर निवासी शिमला देवी व वर्सरेष्ठ लेडी लिंक वर्कर का पुरस्कार टोड़ा का गोठड़ा निवासी मीरा देवी को दिया गया।
इससे पहले पशुपालन विभाग दूनी की ओर से अतिथियों का माला एवं साफा पहनाकर स्वागत किया गया। इस मौके पर डॉ. रामलाल, डॉ. महेन्द्रसिंह तंवर, डॉ. विवेकानन्द, डॉ. दीप्ति मीणा, डॉ. अतुल जैन, डॉ. प्यारेलाल व अन्य थे।