
देवली। हनुमाननगर थाना क्षेत्र के ऊंचा निवासी एक युवती से विवाह करने के चक्कर में युवक ने प्रेमिका के भाई का अपहरण कर लिया। साथ ही शादी करने पर ही प्रेमिका के भाई को मुक्त करने की बात कह डाली। घटना के बाद पीडि़ता के पिता ने हनुमाननगर थाने जाकर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई।
जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो आरोपी को गिरफ्तार कर पीडि़ता के भाई को मुक्त कराया। भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक हरेन्द्र महावर ने बताया कि मामले को लेकर 26 अगस्त को पीडि़ता के पिता थाने पहुंचा। उसने बताया कि देवली थाना क्षेत्र ेके सांवतगढ़ निवासी पर्वत मीणा आएं उसके परिजनों से गाली-गलौच करता है।
वहीं युवती से जबरन शादी करने की बात कहता है। सोमवार को आरोपी पर्वत कार में सवार होकर आया तथा पीडि़ता के भाई को बंदूक की नोक पर जबरन अपहरण कर कार में ले गया। वहीं आरोपी पर्वत ने युवती को फोन कर शादी करने की बात कही। आरोपी ने कहा कि यदि वह उसके पास आती है तो उसके भाई को छोड़ देगा।
मामले की गंभीरता पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुकृति उज्जैनिया व पुलिस उपाधीक्षक जहाजपुर के निर्देशन में हनुमाननगर पुलिस की दो टीमों गठित की गई। इसमें एक टीम आरोपी का निजी कार से पीछा करती हुई सावर, केकड़ी, मालपुरा व टोडारायसिंह होते गई।
जबकि दूसरी टीम के पुलिसकर्मी पीडि़ता के साथ बस में बैठकर सरोली मोड़ के लिए रवाना किया। पीडि़ता को आरोपी ने पहले तो सरोली मोड़ उतरने को कहा तथा बाद में छाण चौराहे पर उतरने कहा। इस दौरान पीडि़ता छाण चौराहे पर उतरी, लेकिन पुलिस ने पीडि़ता को कार के पास नहीं जाने व आरोपियों को नीचे बुलाने को कहा था।
इस दौरान कुछ ही देर में एक कार आई, जो चौराहे पर घूमकर पीडि़ता से थोड़ी दूर खड़ी हो गई। आरोपियों ने पीडि़ता को पास आने का कहा लेकिन वह पुलिसकर्मियों के निर्देशानुसार कार के पास नहीं गई। इससे पहले पुलिसकर्मी मुस्तैदी से तैयार हो चुके थे।
जैसे ही कार पीडि़ता के नजदीक आई पुलिसकर्मियों ने तत्काल दबिश देकर आरोपी पर्वत को पकड़ लिया। साथ ही पीडि़ता के भाई को उनके चंगुल से मुक्त करा लिया। आरोपियों को पकडकऱ पुलिस थाने ले आई। जिनसे एक पिस्टल व चार जिन्दा कारतूस बरामद किए। वहीं आरोपी पर्वत पुत्र शिवराज मीणा निवासी सांवतगढ़ व आशीष पुत्र गोपाललाल शर्मा निवासी पटेल नगर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की कार में जब्त कर ली।
यह थे पुलिस टीम में शामिल- हनुमाननगर के निरीक्षक राजकुमार नायक ने बताया कि पहली टीम में हैडकांस्टेबल कालूराम, पुलिसकर्मी महेन्द्र सिंह, बच्चन सिंह, आकाश, बृजमोहन, पार्वती व दूसरी टीम ने हैडकांस्टेबल रामकेदार, पुलिसकर्मी मनीष कुमार राजेश कुमार थ। जिन्होंने हर मिनट को उपयोग करते हुए महज 24 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर पीडि़ता के भाई को मुक्त कराया।