
राजमहल. बीसलपुर बांध के करीब ज्वालामुखी माता मंदिर व डेढ़ कांकरी वन क्षेत्र में शनिवार दोपहर अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग की लपटों से देशी व विलायती बबूल, सालर, पलाश (टेशू), धोकड़ा आदि किस्मों के सैकड़ों पेड़-पौध जलकर राख हो गए।
ग्रामीणों ने बताया कि आग लगने के पांच घंटे बाद तक भी आग बुझाने ना तो दमकल आई ओर ना ही वन विभाग का कोई नुमाइंदा मौके पर पहुंचा, जिससे दिनभर धू-धू कर जंगली घास व पेड़े पौधे आग की भेंट चढ़ते रहे। आग की लपटे दूर दूर तक फैलने व तेज गर्मी के कारण ग्रामीणों ने भी आग बुझाने का प्रयास तक नहीं किया।
पूर्व में भी बीसलपुर वन क्षेत्र के इन्ही हिस्सों में कई जगहों पर इसी प्रकार आग लगने की घटनाएं हो चुकी है, लेकिन वन विभाग के कर्मचारियों की ओर से गश्त का अभाव रहने से बीसलपुर वन क्षेत्र दिनोंदिन उजड़ता जा रहा है।
नाले व रास्ते ने रोकी राह
बीसलपुर वन क्षेत्र में शनिवार को दोनों जगहों पर लगी आग के करीब एक तरफ बरसाती नाला व दूसरी ओर बोटून्दा मार्ग तो तीसरी ओर बनास नदी होने से आग पहाड़ी क्षेत्र की ओर बढऩे से रूक गई। जिससे वन क्षेत्र के काफी हिस्से में बढ़ी घटना होने से टल गई।
ट्रांसफार्मर में लगी आग
देवली. शहर में गणेश रोड स्थित विद्युत ट्रांसफार्मर में शनिवार सुबह आग लग गई। इस दौरान काफी देर तक ट्रांसफार्मर में आग की लपटें निकलती रही। बाद में क्षेत्रवासियों ने बजरी डालकर आग पर काबू पाया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह आग जगदीश धाम रोड पर फर्नीचर की दुकान के सामने स्थित ट्रांसफार्मर में लगी।
जहां ट्रांसफार्मर के नीचे कचरा जलाने के दौरान इसमें लगे ऑयल ने आग पकड़ ली। कुछ देर में पूरे ट्रांसफार्मर में आग की लपटें निकलने लगी। इससे आसपास अफरा-तफरी मच गई। समीप के लोग आग बुझाने में जुट गए। लोगों ने इसकी सूचना सहायक अभियंता कार्यालय में देकर बिजली बंद कराई गई।
करीब 25 मिनट लगी आग पर बजरी व मिट्टी फेंककर आग पर काबू पाया। सूचना पर विद्युतकर्मी भी मौके पर पहुंचे तथा हादसे की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि ट्रांसफार्मर के नीचे कचरा जलाने से उक्त हादसा हुआ तथा एलटी लाइन को भी नुकसान हुआ है। इसे लेकर सम्बधित दुकानदार को विद्युत कार्यालय की ओर से नोटिस जारी किया जा रहा है। इस अवधि में घोषी मोहल्ला सहित क्षेत्रों में बिजली बंद रही।