
राजमहल. सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना को लेकर थाना क्षेत्र में शांति व्यवस्था व अपराधियों में डर कायम रखने के लिए तैनात पुलिस के जवानों को कई दिनों से सिर्फ बनास बजरी की निगरानी करनी पड़ रही है।
टोंक जिले के देवली, दूनी व घाड़ थाना सहित भीलवाड़ा जिले के हनुमान नगर व जहाजपुर व अजमेर जिले के सावर थाना क्षेत्र के जवान कई महीनों से रातभर नाकाबंदी कर सिर्फ बजरी की निगरानी में जुटे हुए हैं।
बजरी की निगरानी के लिए पुलिस के साथ ना तो राजस्व विभाग के कर्मचारी होते हैं और ना ही खनिज विभाग का कोई नुमाइंदा नजर आता है।
पुलिस शाम ढलते ही गांव व कस्बों सहित शहरों में चोरी व अन्य आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम पर नजर छोडकऱ सिर्फ बजरी वाहनों की निगरानी में निकल जाती है। जो अलसुबह तक बजरी मार्ग पर डटे रहते हैं।
ऐसे में पुलिस को बजरी खनन माफियाओं से आए दिन होते विवाद का सामना भी करना पड़ता है। दूसरी ओर बजरी खनन रोकने के दौरान पुलिस के पास किसी प्रकार का हथियार भी नहीं रहता है।
ऐसे में खाली ठंड़ों के सहारे वे खनन पर अंकुश लगा रहे हैं। इधर पुलिस का बजरी की निगरानी से थानों की तफ्तीस, फरार वारंटियों की गिरफ्तारीयों,मुकदमों की जांचों सहित पुलिस के अन्य कई दर्जनों मामलों से ध्यान हटने लगा है।
फिर भी होते है पार
पुलिस एक तरफ बजरी रोकने का प्रयास करती है। वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की निगरानी के बाद भी गांव में शाम ढलते ही दर्जनों की संख्या में खाली ट्रक घुसते हैं।
वहीं सुबह पुलिस महज एक या दो ट्रक ही पकड़ती है। इससे पुलिस की कार्रवाई पर भी सवालिया निशान खड़ा हो रहा है। दूनी थाना व पौल्याड़ा पुलिस चौकी के जवानों ने राजमहल के बाद गुरूवार को सतवाड़ा व संथली बनास नदी में बजरी रास्तों पर खाइयां खोदकर बजरी खनन पर अंकुश लगाने का प्रयास किया है।
राजमहल के पास पातलियां घाट व नयागांव के करीब बनास नदी में बजरी रास्ते अभी भी चालू रहने के कारण बजरी का अवैध खनन जारी है। इसी प्रकार बजरी रास्तो पर खाइयां खुदने के बाद कई जगहों पर पेटा कास्तकार अपने निजी स्वार्थ के लिए बनास में अपनी कब्जे सुधा भूमि से बजरी का खनन करवाने में जुटने लगे हैं।
अन्य विभाग भी करते हैं
अन्य विभाग भी समय-समय पर बजरी खनन पर कार्रवाई करता है। राजमहल के पातलिया व नयागांव के पास बजरी रास्तों पर खाइयां खोदना छूट गया है तो वहां भी जल्दी ही खाइयां खुदवाकर बजरी खनन पूर्णतया बंद करवा दिया जाएगा।
रवि वर्मा, उपखण्ड अधिकारी देवली