
दूनी. वृताधिकारी वंदिता राणा के निर्देश के बाद दूनी थानाप्रभारी नाहरसिंह मीणा सहित पुलिस टीम की ओर से अजमेर, टोंक एवं भीलवाड़ा जिले में सक्रिय चोर गिरोह के गिरफ्तार शातिर आरोपी को शुक्रवार देवली न्यायालय में पेश किया जहां न्यायिक मजिस्टेट ने उसे पांच दिन के रिमाण्ड़ पर पुलिस को सौंप दिया। वही पुलिस रिमाण्ड़ के दौरान पुछताछ में आरोपी की ओर से वारदात को अंजाम देने के तरीकें सुन पुलिस भी दंग रह गई।
आरोपी से तीन जिलों की दर्जनों वारदातें खुलने की संभावना है। पुलिस टीम फरार आधा दर्जन आरोपी की तलाश में जगह-जगह दबिस दे रही है। थानाप्रभारी मीणा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी कुराडिय़ा थाना जहाजपुर जिला भीलवाड़ा हाल कंजर बस्ती राजमहल थाना दूनी निवासी शरीफ मोहम्मद पीनारा है।
उन्होंने बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद रिमाण्ड़ पर चले रहे आरोपी शरीफ मोहम्मद ने साथी आरोपी सहित मिलकर दूनी नहर के पास कुए से मोटर, कालानाड़ा-कैकड़ी रोड़ से चलते तीन वाहनों से तिरपाल, देवली मोती पेट्रोल पम्प के पीछे खेत पर बने कमरे से गैस सिलेण्डऱ, कूलर सहित अन्य सामान, दौलता मोड़ स्थित कुए से मोटर, बीसलपुर-टोड़ारायसिंह मार्ग के बीच एक गावं से दो बकरियां, पनवाड़ मोड़ स्थित सुने मकान से लाखों के जेवरात व नकदी, सरोली-नयागावं के बीच एक खेत से ट्रासंफार्मर से तांबा, नेगडिय़ा चौराहे के पास एक खेत स्थित कुए से मोटर चोरी स्वीकार करने के साथ आरोपी ने सोनवा (टोंक), शिवदासपुरा (जयपुर), किशनगढ़ (अजमेर) व जोगणियां (भीलवाड़ा) टोल नाके पर वाहन खड़ेकर सो रहे डेढ़ दर्जन से अधिक चालक-मालिकों की जेब काटने की घटनाएं भी स्वीकार की है।
गौरतलब है कि क्षेत्र में हो रही चोरियों का खुलासा करने को लेकर पुलिस गत तीन माह से प्रयास कर रही थी, इसी दौरान दौलता मोड़ स्थित एक मकान से तीन माह पूर्व चोर दिनदहाड़े लाखों कीमत के सोने-चांदी के जेवरात व हजारों की नकदी चुरा ले गए। जांच अधिकारी नाहरसिंह मीणा ने उक्त मकान में लगे सीसीटीवी फूटेज में आई दो आरोपी की तस्वीरों को आधार मानकर अनुसंधान में जुट गए। आखिरकार मुखबीर की सूचना पर आरोपी शरीफ मोहम्मद को राजमहल से गिरफ्तार कर लिया मगर पुलिस आने की की भनक लगते ही अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए।
वारदात करने का तरीका सुन दंग रह गई पुलिस
गिरफ्तार आरोपी शरीफ मोहम्मद से पुछताछ में चोरी वारदात करने का तरीका सुन पुलिस दंग रह गई। थानाप्रभारी मीणा ने बताया कि आरोपी वेसे तो तो कुराडिय़ा गावं का रहने वाला है मगर चोरी की घटनाओं में लिप्त रहने के चलते साथी आरोपी के साथ राजमहल में ही रहने लगा।
उक्त सभी आरोपी वारदातों को अंजाम देने के लिए कभी बाइक, कार तो कभी ट्रक से निकला करते थे। आरोपी चोरी की घटना का अंजाम देने के साथ-साथ जिधर भी निकलते टोल नाकों के आस-पास वाहनों को खड़ा कर सो रहे चालक-मालिकां की जेब में कट लगाकर नकदी निकाल ले जाते थे। उन्होंने बताया कि फरार अन्य आरोपी की पुलिस टीमें तलाश कर रही है उनके आने के बाद क्षेत्र की दर्जनों चोरी की घटनाओं का खुलासा हो सकेगा।