टोंक

रोक के बाद भी जारी बजरी खनन व परिवहन पर एसडीओ की कार्रवाई जारी, बजरी से भरे पांच ट्रक किए जब्त

जैसे-जैसे कच्चे रास्तों की ओर बढ़ते गए वैसे ही बजरी से भरे ट्रक नजर आने लगे। इस पर टीम ने बजरी से भरे 5 ट्रक जब्त कर लिए।  
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Updated: 22 Mar 2018, 7:59 AM IST
 बजरी से भरे 5 ट्रक
टोंक. उपखण्ड अधिकारी प्रभातीलाल जाट के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने मंगलवार देर रात बरोनी से शिवाड़ मार्ग पर बजरी से भरे 5 ट्रक पकड़ लिया। वहीं

टोंक. उपखण्ड अधिकारी प्रभातीलाल जाट के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने मंगलवार देर रात बरोनी से शिवाड़ मार्ग पर बजरी से भरे 5 ट्रक पकड़ लिया। वहीं उपखण्ड अधिकारी ने बुधवार सुबह वजीरपुरा गांव में अवैध रूप से पत्थर ले जा रही एक टै्रक्टर-ट्रॉली को पकड़ लिया। उपखण्ड अधिकारी ने बताया कि मंगलवार रात 12 बजे दूरभाष पर किसी सूचना दी कि अवैध रूप से खनन कर बजरी ले जा जाई जा रही है।

इस पर बरोनी में दादिया रोड पर पहुंचने पर पहुंची टीम को देख करीब 15 ट्रक इधर-उधर भाग गए। उपखण्ड अधिकारी ने ट्रकों के पहियों के चिह्नों को देखते हुए बरोनी के कच्चे रास्तों की ओर रुख किया। जैसे-जैसे कच्चे रास्तों की ओर बढ़ते गए वैसे ही बजरी से भरे ट्रक नजर आने लगे। इस पर टीम ने बजरी से भरे 5 ट्रक जब्त कर लिए।

मौके पर परिवहन अधिकारी विभाग के निरीक्षक मिथलेश गुर्जर को भी बुलाया गया। इसके बाद तडक़े साढ़े तीन बजे तक कार्रवाईकी गई। टीम में खनिज विभाग के सहायक अभियंता जे. पी. गोदारा, अमीचंद दुहारिया, कालूराम व बरोनी थाना पुलिस थी।


उन्होंने बताया कि बुधवार अलसुबह भी किसी ने सूचना दी कि वजीरपुरा गांव में अवैध रूप से खनन कर पत्थर ले जाए जा रहे हैं। इस पर वे सुबह 7 बजे वजीरपुरा पहुंचे। जहां स्कूल के पास में पत्थर से भरी हुई ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर वन विभाग के सुपुर्द कर दिया। इसके बाद जब प्रभातीलाल बनास नदी में पहुंचे तो खननकर्ता फरार हो गए।


आरोपित रिमाण्ड पर
बंथली. चारनेट में विवाहिता से दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार आरोपित को घाड़ पुलिस ने दूनी न्यायालय में पेश किया। जहां से न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उसे तीन दिन के रिमाण्ड पर पुलिस को सौंप दिया। हैडकांस्टेबल रामबाबू पारीक ने बताया कि आरोपित चारनेट निवासी मुकेश मीणा है। उन्होंने बताया कि गांव की विवाहिता ने आरोपित के खिलाफ दुष्कर्म करने का मामला दर्ज कराया था।


तारबन्दी का कार्य शुरू
निवाई. आवारा पशुओं एवं नील गाय से तिलहनी फसलों में होने वाले नुकसान को कम करने के उद्देश्य को लेकर राष्ट्रीय तिलहन एवं ऑयल पॉम मिशन अन्तर्गत कांटेदार तारबन्दी कार्यक्रम के लिए कृषि विभाग की ओर किसानों के खेतो पर तारबन्दी का कार्य शुरू हो गया है।

उपनिदेशक कृषि विस्तार निरजंन सिंह राठौड ने बताया कि जो किसान पूर्व में पत्रावलियों को ऑनलाइन करा चुके है। वरीयता के आधार पर उन किसानों के खेतों पर तारबन्दी का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। लघु एवं सीमान्त श्रेणी के कृषक, जो न्यूनतम आधा हैक्टेयर कृषि योग्य भूमि का स्वामित्व है,

जिसको अधिकतम 400 मीटर तारबन्दी के लिए 40 हजार रुपए का अनुदान दिया जाएगा तथा इससे कम लम्बाई की तारबंदी पर प्रोरेटा बेसिस पर गणना कर अनुदान दिया जाएगा। सहायक कृषि अधिकारी कजोड़मल गुर्जर ने बताया कि कृषकों के तारबन्दी वाले स्थलों को मौका स्थिति का अवलोकन कर विभागीय मापदण्डों के अनुसार तारबन्दी करने निर्देश दिए है।

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