लोकायुक्त ने कहा कि लोक सेवक कार्य को पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से करें।
टोंक. राज्य के लोकायुक्त एस. एस. कोठारी ने कहा कि अधिकारियों को लोकायुक्त से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। वे लोक सेवक हैं और कार्य को पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से करें। उन्होंने कहा जहां कही भी लोकायुक्त की जांच में कोई भी अधिकारी दोषी पाया जाएगा उसे विधिवत दण्डित किया जाएगा।
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शिकायतें झूठी व दुभार्वना से की गई है तो अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। लोकायुक्त परिवादी की शिकायत के निस्तारण और अधिकारियों का मनोबल न गिरे इसे ध्यान में रखकर कार्य निष्पादित करता है। कोठारी गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ले रहे थे।
उन्होंने कहा कि लोकायुक्त के पास आए प्रकरणों के सम्बन्ध पत्राचार के दौरान अधिकारी तथ्यात्मक रिपोर्ट शीघ्र भेजे ताकि परिवादी को राहत दी जा सके।
उन्होंने कहा कि लोक सेवक आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता से कार्य करें कार्य पालिका के प्रति विश्वास बना रहे।
उन्होंने कहा कि टोंक जिले से सम्बन्धित विभिन्न विभागों के 125 प्रकरण लम्बित हैं। इनमें से 70 प्रकरणों पर बार-बार पत्राचार किया गया है। उन्होंने पुलिस, राजस्व, पंचायती राज, स्वायत्त शासन विभाग से सम्बन्धित लम्बित एक-एक प्रकरणों को लेकर मौके पर मौजूद अधिकारियों से अब तक की गई कार्रवाईकी जानकारी ली।
उन्होंने प्रकरणों का जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए। इससे पहले उन्होंने कलक्ट्रेट सभागार में जनसुनवाई की। इसमें लोगों ने शहर की तीन मुख्य समस्याओं से अवगत कराया। लोगों ने कहा कि प्रशासन पटेल सर्किल से बहीर तथा गहलोद नदी से गांवों की जा रही सडक़ पर ध्यान नहीं दे रहा है।
ऐसे में लोगों को गड्ढों तब्दील हो चुकी सडक़ से आवागमन करना पड़ रहा है।
इसी प्रकार शहर में अवैध रूप से कमेला चल रहा है। उसे बंद कराया जाए। शहर में चल रहे पाइप लाइन डालने के कार्यमें भी लापरवाही बरती जा रही है। सडक़ों को खोदकर पटक दिया गया।
सम्बन्धित ठेकेदार मरम्मत नहीं करा रहा है। बैठक में जिला कलक्टर सूबेसिंह यादव, पुलिस अधीक्षक प्रीति जैन, लोकायुक्त सचिव उमा शंकर शर्मा, सहायक सचिव अमित गोयल, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमप्रकाश जांगिड़ आदि अधिकारी मौजूद थे।