टोंक

बिना लीज बनास में अवैध बजरी खनन को लेकर ग्रामीणों व खननकर्ताओं में हुआ पथराव

पुलिस ने बताया कि लहन-बोरदा से गुजर रही बनास नदी बजरी खनन का लीज क्षेत्र नहीं है।  

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Nov 09, 2017
टोंक के बोरदा गांव स्थित बनास नदी में जमा ग्रामीण

टोंक. शहर के समीप बोरदा गांव से गुजर रही बनास नदी में चल रहे बजरी खनन को लेकर बुधवार को तनाव की स्थिति हो गई। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने मामला शांत किया। लोगों का कहना था कि बोरदा व लहन गांव से गुजर रही बनास नदी में बजरी का खनन नियमों के खिलाफ किया जा रहा है।

रॉयल्टी भी वूसली जा रही है। सुबह लोगों ने इसका विरोध किया तो खननकर्ता तथा उनके बीच झगड़ा हो गया। मेहंदवास थाना पुलिस ने भी उन्हें समझाया, लेकिन दोपहर बाद फिर ग्रामीण नदी में पहुंच गए और खनन बंद करा दिया। बजरी भर रहे ट्रकों को रोक दिया। इस बीच कुछ देर के लिए पथराव भी हुआ।

उपखण्ड अधिकारी प्रभातीलाल जाट, पुलिस उपाधीक्षक संजय शर्मा व सदर थाना प्रभारी नरेन्द्र जैन ने मामला शांत कराया। पुलिस ने बताया कि लहन-बोरदा से गुजर रही बनास नदी बजरी खनन का लीज क्षेत्र नहीं है। इसके बावजूद कुछ लोग बजरी का अवैध खनन करा रहे हैं। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है।

सुबह उन्होंने मना किया तो मेहंदवास पुलिस ने आश्वासन दिया कि अब नहीं होगा, लेकिन ये खनन फिर से शुरू हो गया। इससे दोपहर बाद ग्रामीणों की भीड़ नदी के पेटे पहुंच गई। उन्होंने खननकर्ताओं को खदेड़ दिया।

बनास नदी में कुछ लोग अवैध रूप से खनन करा रहे थे। उन्हें हटा दिया गया है। खनिज अभियंता तथा पुलिस को निर्देश दिए कि वे अवैध खनन पर कार्रवाई करें।
प्रभातीलाल जाट, उपखण्ड अधिकारी टोंक


मामला दर्ज
देवली. भूखण्ड बेचने के नाम पर धोखाधड़ी कर राशि हड़पने के मामले में बुधवार को जरिए इस्तगासे थाने में मामला दर्ज हुआ है। थाना प्रभारी दुलीचंद गुर्जर ने बताया कि अहमद नूर ने मामला दर्ज कराया। इसमें बताया कि भंवर सिंह निवासी कुंचलवाड़ा कलां व रामेश्वर निवासी देवली गांव ने वर्ष 1996 में उसे भूखण्ड बेचा। आरोप लगाया कि आरोपितों ने राशि भी हड़प ली, लेकिन उसे भूखण्ड नहीं दिया गया।

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Published on:
09 Nov 2017 08:28 am
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