
टोंक. जिले के प्रशासनिक व अन्य अधिकारियों ने मंगलवार को निर्धारित विद्यालयों में पहुंचकर मिडडेमील व अन्नपूर्णा दूध योजना का औचक निरीक्षण किया। हालांकि आ रहे अधिकारियों की पहले से जानकारी होने से अधिकतर विद्यालयों में व्यवस्थाएं ठीक व पोषाहार भी गुणवत्तापूर्ण होने की बात सामने आई।
उल्लेखनीय है कि प्रमुख शासन सचिव, शिक्षा एवं भाषा विभाग की ओर से जिले के चिह्नित अलग-अलग विद्यालयों व मदरसों में मंगलवार व बुधवार को पोषाहार व दूध योजना की औचक जांच के निर्देश दिए गए थे।
इसके तहत जिला कलक्टर की ओर से अतिरिक्त जिला कलक्टर, जिला परिषद सीईओ, एसीईओ, उपखण्ड अधिकारी, जिला रसद अधिकारी, उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी समेत अन्य जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई।
दूसरी ओर विद्यालय प्रभारियों को पहले से जांच को आ रहे अधिकारियों की जानकारी होने से अधिकतर विद्यालयों में पोषाहार व अन्य व्यवस्थाएं सुचारू मिली। देवली-भांची विद्यालय में पोषाहार जांचने पहुंचे डीईओ माध्यमिक खुशीराम रावत ने बताया कि पोषाहार की गुणवत्ता संतोषजनक थी।
दूध योजना का दिन नहीं होने से गुणवत्ता की जांच नहीं की जा सकी। इसी प्रकार उपखण्ड अधिकारी छोटूलाल शर्मा, ब्लॉक चिकित्साधिकारी डॉ. कमलेश चावला ने बताया कि विद्यालयों में पोषाहार व अन्य सभी व्यवस्थाएं सुचारू व श्रेष्ट मिली।
टोडारायसिंह. कार्यवाह उपखण्ड अधिकारी कपिल शर्मा ने मंगलवार को बस्सी व कांकलवाड में मिड डे मील योजना का निरीक्षण किया। उन्होंने पोषाहार की गुणवत्ता को लेकर स्वाद चखा। तथा शिक्षण व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
अधिकारी किए नियुक्त
टोंक. आगामी विधानसभा आम चुनाव-2018 को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी आर. सी. ढेनवाल ने 6 अधिकारियों को नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया है। भू-प्रबंध एवं आरएए अधिकारी जयनारायण मीना को प्रशिक्षण कार्य के लिए, डॉ. सूरज सिंह नेगी उपखण्ड अधिकारी पीपलू को आदर्श आचार संहिता एवं निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण के कार्य के लिए, मीडिया प्रकोष्ठ के लिए अपूर्व शर्मा सहायक सूचना एवं जन संपर्क अधिकारी, कैलाश चंद्र शर्मा एडीएम (प्रशासन) को कानून व्यवस्था, संवेदनशीलता चित्रण (वीएम), संवेदनशील मतदान केन्द्रों की पहचान, कपूर शंकर मान एसीईओ जिला परिषद को सामान्य व्यवस्थाए एवं पोस्टल बैलेट के लिए एवं धर्मराज प्रतिहार सहायक निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को द्विव्यांगों की सुविधाओं का ध्यान रखने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।