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बीसलपुर बांध में नही आया पानी तो जलापूर्ति में और कटौती कर जून 2019 तक प्रदेश की जनता को जलापूर्ति के होगें प्रयास

बांध में पानी की आवक नहीं के बराबर होने से पर उच्च स्तरीय अधिकारियों की बैठक में फिलहाल पूर्ववत कटौती को यथावत जारी रखने के निर्देश दिए है।  

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Surajpura Filter Plant

टोडारायसिंह क्षेत्र स्थित सूरजपुरा फिल्टर प्लांट, जहां से जयपुर व ग्रामीण क्षेत्र में जलापूर्ति की जा रही है।

टोडारायसिंह. मानसून की बेरुखी के चलते बीसलपुर बांध में पानी की आवक नहीं के बराबर होने से शुरू की गई पानी की कटौती अग्रिम आदेश तक यथावत जारी रहेगी। विभाग की जयपुर में हुई बैठक में बांध में पानी की आवक नहीं होने की स्थिति में आगामी माह भी कटौती के संकेत भी दिए हैं।

सूजपुरा फिल्टर प्लांट के सहायक अभियंता हरलाल ने बताया कि बीसलपुर बांध में पानी की आवक नहीं होने से विभाग ने अगस्त के प्रथम सप्ताह में जयपुर व अजमेर के साथ ग्रामीण क्षेत्र में हो रही जलापूर्ति में कटौती शुरू की थी।

इसमें सूरजपुरा फिल्टर प्लांट (बीसलपुर) से जयपुर के लिए प्रतिदिन आपूर्ति 490 एमएलडी पानी से कटौती कर 470 एमएलडी तथा झिराना-चाकसू वाया निवाई तथा मालपुरा-दूदू पाइप लाइन में 5-5 एमएलडी कटौती कर 46 एमएलडी जलापूर्ति की जा रही है।

इधर, कटौती के बाद बीसलपुर से अजमेर में 300 एमएलडी तथा राजमहल में 28.63 एमलएडी जलापूर्ति यथावत है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में बीसलपुर बांध में 309.22 आरएल मीटर (लगभग 8.672 टीएमसी) पानी शेष है।

नियत मात्रा में बांध से निरंतर बिना कटौती के मार्च के प्रथम सप्ताह तक ही जलापूर्ति की जा सकती है। अगस्त माह के प्रथम सप्ताह में भी बांध में पानी की आवक शुरू नहीं होने के बाद सोमवार को जयपुर में उच्च स्तरीय अधिकारियों की बैठक में फिलहाल पूर्ववत कटौती को यथावत जारी रखने के निर्देश दिए है।

साथ ही बांध में पानी की आवक नहीं होने की स्थिति में आगामी सितम्बर माह से कटौती बढ़ाए जाने के संकेत दिए हैं। पानी की आवक नहीं होने पर विभाग विपरीत परिस्थिति में कटौती को बढ़ाकर आगामी जून तक आपूर्ति कराने का प्रयास करेगा।

अवैध रूप से कर रहे थे मछली का शिकार
राजमहल. बीसलपुर बांध में मंगलवार को अवैध रूप से मछली का शिकार कर रहे लोगों से मत्स्य विभाग ने 5 जाल जब्त कर लिए। वहीं शिकारियों को हिदायत देकर छोड़ दिया। मत्स्य विकास अधिकारी राकेश देव ने बताया कि बीसलपुर बांध के करीब अवैध रूप से मछली शिकार करने की सूचना मिली थी।

इस पर दल ने मछली शिकार के लिए डाली गए पांच जाल जब्त कर लिए। इस दौरान मत्स्य विभाग बूंदी से जांच प्रभारी प्रेम सिंह प्रजापत, मत्स्य विकास अधिकारी टोंक राकेश देव, जयपुर के मत्स्य क्षेत्रिक गोपाल सिंह मीणा मौजूद थे। पहले भी एक अवैध किश्ती जब्त की थी। गौरतलब है कि सरकार की ओर से गत 16 जून से 31 अगस्त तक मछली के शिकार पर रोक लगाई गई है।