ट्रांसफॉर्मर के लटके तारों में दौड़ रहे करंट की चपेट में आने से कई बार पक्षियों व पशुओं की अकाल मौत हो चुकी है
लाम्बाहरिसिंह. सांस व खातोली गांव में हुए हादसे के बाद निगम के अभियंता शायद से फिर से हादसे का इंतजार कर रहे हैं। क्षेत्र में घनी आबादी में जगह-जगह खुले में लगे ट्रांसफॉर्मर, मकानों पर झूलते तार हादसे को आमंत्रण दे रहे हैं। इसके बावजूद अभियंताओं ने आंखें बंद है।
अजमेर रोड, मोरला रोड, केकडी रोड, मालपुरा रोड, वाल्मीकि बस्ती समेत अन्य जगहों पर सडक़ किनारे खुले में ट्रांसफॉर्मर के लटके तारों में दौड़ रहे करंट की चपेट में आने से कई बार पक्षियों व पशुओं की अकाल मौत हो चुकी है।
मोरला रोड पावर हाउस के सामने, खटीकान मोहल्ला, बापूनगर, अजमेर रोड समेत कई स्थानों पर मकानों से गुजर रहे 32 व 11 केवी तारों से करंट दौडऩे की घटनाएं होने से बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। इसे लेकर ग्रामीणों ने सांसद, विधायक समेत अधिकारियों के समक्ष कई बार गुुुहार लगाई, लेकिन समस्या का निस्तारण नहीं होने से लोगों को मण्डराती मौत के साए में जीने पर विवश होना पड़ रहा है।
ग्रामीण विनोद सोनी ने बताया कि मोरला रोड पर पावर हाïउस से महज डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर सडक़ से सटकर खुले में तीन ट्रांसफॉर्मर लगे हैं। कई बार करंट की चपेट में आने से मोर, गाय आदि की मौत हो चुकी है। वहीं कई बार हाई वोल्टेज से उपकरण फुंक गए। सडक़ के पास खम्भे होने से दुर्घटना का भय बना रहता है।
उल्लेखनीय है कि गत आठ अगस्त को गुर्जर मोहल्ले में किसी वाहन की टक्कर से सडक़ किनारे लगा खम्भा टूट गया। इससे खम्भे पर लगा ट्रांसफॉर्मर भी झूल गया। ग्रामीण ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि अजमेर रोड पर मकान की बालकॉनी से तार खींच दिए। इससे हादसे की आंशका से परिवारजन मकान की छत पर नहीं चढ़ते।
दस माह पहले की शिकायत
पोर्टल पर दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ता तेजपाल ने बताया कि वाल्मीकि मोहल्ले में लगे ट्रांसफॉर्मर के तिरछे खम्भों को सीधा करने को लेकर करीब दस माह पूर्व सम्पर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन निगम की ओर से खानापूर्ति कर खम्भे सीधे नहीं किए गए। इसी प्रकार मोरला रोड पर नारायण चौक पर सडक़ समीप लगे ट्रांसफॉर्मर से आए दिन चिनगारियां निकल रही है।
सडक़ पर ही लगा दिए
निगम अभियंताओं ने सुरक्षा नियमों को दरकिनार कर गुलगांव व देवल स्थित फैक्ट्री के लिए 11 केवी लाइन के खम्भों को सडक़ पर खड़ा दिया गया। इससे कई बार वाहनों की टक्कर से खम्भे टूटने की घटनाएं हो चुकी हैं।
निजी केबल भी खम्भों पर
निगम अभियंताओं व निजी केबल ऑपरेटर की मिलीभगत से बिजली के खम्भों पर हाइटेंशन तारों के पास केबल तार लटके हुए हंै। इससे घरों में रखे टीवी, एलईडी में करंट दौडऩे की आशंका बनी हुई है। वहीं निगम के कर्मचारियों को भी केबल के चलते खम्भों पर मरम्मत कार्य करने में भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ रही है।
जल्द ही मरम्मत कार्य करा झूलते तारों से निजात दिलाई जाएगी। ट्रांसफॉर्मरों पर लटके तारों को ऊंचा करा दिया जाएगा। सुरक्षा जाल की व्यवस्था नहीं है। मोहल्लेवासी स्वयं अपने स्तर पर करें। सडक़ पर खम्भे नहीं होने चाहिए। मामले में जांच कराकर उचित कार्रवाई करेंगे।
कदम वशिष्ठ, सहायक अभियंता जयपुर डिस्कॉम, मालपुरा