टोंक

DPR तैयार फिर भी फोरलेन की मंजूरी नहीं, CM भजनलाल सहित कई नेताओं के क्षेत्रों से गुजरता है यह मेगा हाईवे

Jaipur-Bhilwara Mega Highway: जयपुर-भीलवाड़ा मेगा हाईवे की डीपीआर विभाग ने बजट से पहले फरवरी में ही तैयार कर सरकार को सौंप दी थी, लेकिन अब तक स्वीकृति नहीं मिलने से लाखों लोगों की उम्मीदों पर पानी फिरता दिख रहा है।
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May 11, 2026
Jaipur-Bhilwara Mega Highway
जयपुर-भीलवाड़ा मेगा हाईवे से गुजरते वहन। फोटो: पत्रिका

टोंक। जयपुर-भीलवाड़ा मेगा हाईवे का फोरलेन निर्माण एक बार फिर सरकारी सुस्ती की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। फागी, मालपुरा और केकड़ी होते हुए गुजरने वाले इस मार्ग की डीपीआर विभाग ने बजट से पहले फरवरी में ही तैयार कर राजस्थान सरकार को सौंप दी थी, लेकिन अब तक स्वीकृति नहीं मिलने से लाखों लोगों की उम्मीदों पर पानी फिरता दिख रहा है।

लगातार बढ़ते हादसे, बदहाल सड़क और भारी यातायात दबाव के बावजूद सरकार की चुप्पी से आमजन में नाराजगी है। यदि बजट में इस परियोजना की घोषणा हो जाती तो अब तक निर्माण कार्य शुरू हो चुका होता, लेकिन फाइलें अब भी मंजूरी के इंतजार में अटकी हुई है।

चार टोल प्लाजा, 345 से अधिक वसूली

जयपुर-भीलवाड़ा मेगा हाईवे के कई हिस्से विभागीय लापरवाही और जिम्मेदारों की उदासीनता की भेंट चढ़ चुके हैं। जगह-जगह बड़े गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से वाहन चालकों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार घंटों तक जाम की स्थिति बन जाती है। आए दिन हो रहे सड़क हादसे इस मार्ग की भयावह स्थिति को बयां करते हैं। इसके बावजूद इस रूट पर बने चार टोल प्लाजा पर कार चालकों से 345 से अधिक रुपए तक वसूले जा रहे हैं।

मंत्रियों के इलाके से गुजर रहा मेगा हाईवे

विडंबना यह है कि विभाग ने अप्रेल 2026 तक डीपीआर तैयार करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन अधिकारियों ने तय समय से पहले फरवरी में ही रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंप दी। इसके बावजूद स्वीकृति नहीं मिलना सवाल खड़े कर रहा है। यह मेगा हाईवे सांगानेर से भीलवाड़ा तक मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी और केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम के निर्वाचन क्षेत्रों से होकर गुजरता है, फिर भी सड़क की हालत वर्षों से बदहाल बनी हुई है।

रोज गुजरते हैं 12 हजार से अधिक वाहन

करीब 212 किलोमीटर लंबा यह मेगा हाईवे जयपुर को भीलवाड़ा से फागी, मालपुरा और केकड़ी के रास्ते जोड़ता है। पिछले एक दशक में इस मार्ग पर यातायात कई गुना बढ़ चुका है। शाहपुरा और रेनवाल मांजी टोल प्लाजा से प्रतिदिन 12 हजार से अधिक वाहन गुजर रहे हैं, जबकि इंजीनियरिंग मानकों के अनुसार 10 हजार से अधिक परिवहन भार होने पर सड़क का चौड़ीकरण जरूरी है।

इनका कहना है

जयपुर-भीलवाड़ा सड़क मार्ग की फोरलेन डीपीआर बजट से पहले तैयार कर दे दी थी। बजट घोषणा में इस मार्ग के फोरलेन की घोषणा नहीं हुई। ऐसे में भूमि अधिग्रहण सहित अन्य कार्य नहीं किए गए।
-ऋषिकेश मीणा, परियोजना निदेशक, जयपुर-भीलवाड़ा मार्ग

Published on:
11 May 2026 09:53 am