
टोंक. सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया ने लोकसभा में ईसरदा बांध एवं इस्र्टन राजस्थान केनाल प्रोजेक्ट का लोकसभा में मुद्दा उठाया है। इसमें बताया कि ईसरदा बांध निर्माण परियोजना का कार्यादेश राशि 6 15.17 करोड़ का 21 दिसम्बर 2018 को वर्कऑर्डर जारी किया है। इस कार्य को पूर्ण करने की निर्धारित तिथि 27 दिसम्बर 2021 है।
केन्द्रीय जल आयोग और जियोलोजिकल सर्वे ऑफ इण्डिया टीम ने गत मईमें निरीक्षण किया था। इसमें डेम एलाइनमेन्ट फाईनल कर, प्लानिंग व डिजाइनिंग का कार्य कर, आयोग को रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। इसके बाद आइआइटी रूडकी में भुगतान जमा करवा दिया गया।
आयोग से डिजाइन कन्सल्टेन्सी का एमओयू साइन कर दिया गया है। इसके बाद रूडकी की ओर से कार्य सम्पादित कराए जा रहे हैं। कंक्रीट प्लांट स्थापित कर दिया है। प्रथम चरण में 12 गांव की भूमि एवं 25 गांवों की परिसम्पत्तियां प्रभावित होगी। इसमें टोंक जिले के 8 एवं सवाईमाधोपुर जिले के 4 गांवों की भूमि प्रभावित होगी।
इसमें 7 गांवों के भूमि व परिसंम्पति अवाप्ति के लिए 38 .72 करोड़ के अवार्ड जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा 3.41 करोड़ का सम्बन्धित खातेदारों को अतिरिक्त कलक्टर (पुनर्वास) की ओर से भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने इस बांध का निर्माण तय समय में ही कराए जाने की मांग की है।
ताकि इस बांध से लोगों को फायदा मिल सके। इसी प्रकार उन्होंने ईस्र्टन राजस्थान केनाल प्रोजेक्ट को भी जल्द पूरा कराने को कहा। उन्होंने बताया कि दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र के झालावाड, बांरा, कोटा, बंूदी, टोंक, सवाईमाधोपुर, अजमेर, जयपुर, दौसा, धोलपुर, करौली, अलवर, भरतपुर के बांधों में ले जाना ये परियोजना है।
इसके माध्यम से इन जिलों की पेयजल, सिंचाई और उद्योगो के लिए पानी की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकेगा। चम्बल की सहायक पार्वती, कालीसिंध, मेज एवं चाकन नदी में प्रतिवर्ष 506 0 मिलियन घन मीटर पानी उपलब्ध होता है, जो व्यर्थ ही बह कर समुद्र में चला जाता है। ऐसे में इसका इस परियोजना से लाभ दिलाया जाए।