
टोंक. फिल्म पद्मावती के विरोध में राजपूत तथा अन्य समाज ही नहीं, बल्कि भाजपा के जनप्रतिनिधि भी शामिल हो गए हैं। फिल्म के विरोध में शहर में सर्वधर्म महासभा की ओर से निकाली गई रैली में सभी समाजों के लोग शामिल हुए।
रैली में टोंक विधायक अजीत मेहता तथा नगर परिषद सभापति लक्ष्मीदेवी जैन भी थी। रैली सवाईमाधोपुर चौराहा स्थिति भूतेश्वर महादेव मंदिर से रवाना हुई। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि संजय लीला भंसाली की ओर से निर्मित फिल्म पदामवती में इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है।
इससे इतिहास पर असर पड़ रहा है। भावी पीढ़ी के मानस पटल पर रानी पदमावती की छवि बिगड़ रही है। फिल्म रानी पदमावती को इस फिल्म में अलाउद्दीन खिलजी की प्रेमिका दिखाया गया है। जबकि रानी पदमावती ने अलाउद्दीन से अपने सतीत्व की रक्षा के लिए 16 हजार क्षत्राणियों के साथ में जौहर किया था।
रैली हेमू कालानी सर्किल, बड़ा कुआं, नौशेमियां का पुल, काफला बाजार, पांचबत्ती, सुभाष बाजार होते हुए घंटाघर पहुंचा। जहां फिल्म निर्माता भंसाली, अभिनेता रणवीरसिंह तथा अभिनेत्री दीपिका पादुकोण का पुतला जलाया गया। इसके बाद रैली कलक्ट्रेट पहुंची। जहां फिल्म के विरोध में प्रदर्शन किया गया।
इस दौरान राजपूत महासभा के जिलाध्यक्ष महेन्द्रसिंह राणावत ने कहा कि किसी भी फिल्म को समाज तथा इतिहास के मूल से दूर रखना चाहिए। फिल्में मनोरंजन का साधन हंै। उनमें इतिहास से सम्बन्ध नहीं होना चाहिए।
राजपूत समाज रानी पदमावती की पूजा करता है, उन पर ऐसी फिल्म बनाकर समाज की भावनाओं को आहत किया गया है। इससे सभी समाजों में नाराजगी है। ऐसे में इस फिल्म पर रोक लगनी चाहिए।
विधायक अजीत मेहता ने कहा कि लोग फिल्म को कई बार हकीकत भी मान लेते हैं। इसके कई उदाहरण भी है। नगर परिषद सभापति लक्ष्मीदेवी जैन ने कहा कि इतिहास से छेड़छाड़ बर्दाश्त के बाहर है। ऐसी फिल्म पर रोक लगनी चाहिए। इस फिल्म से सभी धर्म के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। ऐसे में इसका ध्यान रखना चाहिए। रैली में महिलाओं की संख्या भी अधिक थी।
रैली में प्रधान जगदीश गुर्जर, राजपूत महासभा के जिला महामंत्री हनुमानसिंह सोलंकी, सभी तहसील अध्यक्ष, चन्द्रवीरसिंह चौहान, उमराव सिंह सोलंकी, गोरधन हिरोनी, अकबर खान, कुलदीपसिंह राजावत, डॉ. जे. सी. गहलोत, बृजबिहारी शर्मा, कमलेश सिंगोदिया, भगवत सिंह राणावत, श्यामलाल जैन, राजेश सर्राफ, मदनसिंह चौहान, विष्णु शर्मा, सोनिया कंवर, विनोद कंवर, नरेश बंसल, खेमराज मीणा, मोहनलाल गुर्जर, कैलाश चौधरी, पी. डी. आजाद, बनवारीलाल यादव, देशराजसिंह व पृथ्वीसिंह आदि शामिल थे।