सरकार की ओर से किए गए ऋणमाफी का लाभ सहकारी बैंकों से जुड़े किसानों को ही मिल सकेगा। इसके तहत जिले के करीब 70 हजार किसान कर्जमाफी से लाभान्वित होंगे।
टोंक।
चुनावी साल में सरकार की ओर से किए गए ऋणमाफी का लाभ सहकारी बैंकों से जुड़े किसानों को ही मिल सकेगा। इसके तहत जिले के करीब 70 हजार किसान कर्जमाफी से लाभान्वित होंगे। जबकि जिले के अन्य किसान इससे दरकिनार रहेंगे। हालांकि सहकारी बैंकों को भी अभी तक स्पष्टगाइड नहीं मिली है। इसके बावजूद यह तय है कि ग्राम सेवा सहकारी समितियों से जुड़े लघु व सीमान्त किसानों का इसका लाभ मिलेगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेशभर की 10 हजार से अधिक ग्राम सेवा सहकारी समितियों से जुड़े लघु व सीमान्त किसानों को प्रत्येक वर्ष रियायती दरों पर खाद, बीज, कीटनाशक उपलब्ध कराने समेत नकद फसली ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
इसके तहत जिले में भी 192 ग्राम सेवा सहकारी समितियां संचालित है। इनसे करीब सवा लाख किसान जुड़े हुए है। इनमें 76 हजार किसान ऐसे हैं जिन्होंने सहकारी समितियों के माध्यम से अल्पकालीन फसली ऋण लिया हुआ है। समितियों से जुड़े किसान सदस्य को सीसीबी की ओर से 20 से 30 हजार रुपए तक का फसली ऋण अप्रेल माह के प्रथम सप्ताह में उपलब्ध कराया जाता है। इससे पहले 30 मार्च तक समितियां ऋण की वसूली करती है।
यह है सरकार की घोषणा
लघु एवं सीमान्त किसानों का 30 सितम्बर 2017 को बकाया अल्पकालीन फसली ऋण में से 50 हजार तक का कर्जा एक बारी माफ होगा। इसके साथ ही सरकार ने फसली ऋण जमा कराने की अन्तिम तिथि भी बढ़ाकर 30 जून या ऋण प्राप्त करने की तिथि से साल पूर्ण होने तक जो भी पहले हो, तक बढ़ाई है। इसके अलावा सरकार ने बड़े काश्तकारों का ऋण भी निर्धारित कृषि जोत के अनुपातिक आधार पर माफ करने की घोषणा की है। हालांकि यह घोषणा अल्पकालीन फसली ऋण के लिए ही है। किसानों द्वारा अन्य बैंकों से केसीसी के तहत लिया गया ऋण घोषणा में शामिल नहीं है। ऐसे में कर्जमाफी का लाभ महज जिले के एक तिहाई किसानों को ही मिल पाएगा। ऐसे में कार्मिशियल बैंकों से ऋण लेने वाले किसानों को लाभ नहीं दिए जाने से किसानों में नाराजगी है।
उल्लेखनीय है कि जिले में तीन लाख से अधिक किसान है। फैक्ट-फाइल 192-जिले में ग्राम सेवा सहकारी समितियां संचालित 8-क्रय-विक्रय सहकारी समितियां जिले में 76 - हजार ऋणी सदस्य जिले में 01 लाख 25 हजार अऋणी सदस्य 03 लाख से अधिक किसान जिले में जिले की ग्रामसेवा सहकारी समितियों से ऋणी किसानों की सूची मंगवाई हैं, जिन्हें ऋण माफी के लिए सरकार को भिजवाई जाएगी। समितियों से जुड़े 70 हजार से अधिक किसानों को सरकार की ऋणमाफी लाभ मिलेगा। दिनेशकुमार बम्ब, प्रबन्ध संचालक, केन्द्रीय सहकारी बैंक, टोंक टीकेसीए टोंक में स्थित दी सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की प्रधान शाखा।