भटकते गोवंश को अब किसान आवारा पशु मानने लगा है। ये गायें खेतों में तो कभी सडक़ों पर विचरण करती हैं।
राजमहल. एक तरफ केन्द्र व राज्य सरकार गायों की सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करने के साथ ही गोशालाओं में हर वर्ष चारे के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, वही दूसरी ओर कुछ वर्षों से सार-सम्भाल के अभाव में रोजाना सैकड़ों गाय धणी-धोरी को तरस रही है।
भटकते गोवंश को अब किसान आवारा पशु मानने लगा है। ये गायें खेतों में तो कभी सडक़ों पर विचरण करती हैं। जहां ट्रकों से कुचलकर तो कभी भूख-प्यास से दम तोड़ रही हैं। इनकी सुरक्षा के लिए ना तो प्रशासन ने कभी ध्यान दिया और ना ही सरकार ने कोई ठोस कदम उठाए।
सडक़ पर चैन ना खेत में आराम
किसानों ने बताया कि धणी-धोरी को तरसता गोवंश कई दिनों से खेतों में फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहा है। इनके संख्या में अधिक होने के कारण उन्हें रतजगा करना पड़ रहा है। दूसरी ओर राष्ट्रीय राजमार्ग पर आए दिन गायों के लगते जमावड़े से दुर्घटनाएं हो रही हैं। इस बारे में कई बार प्रशासन के आला अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी कार्रवाई नहीं की जा रही।
गोवंश पकड़ा, दो गिरफ्तार
बंथली. दूनी के कालानाड़ा बालाजी मार्ग पर बुधवार सुबह गो-सेवकों की सूचना पर पुलिस ने गोवंश ले जाते दो जनों को पकड़ कर पिकअप जब्त कर ली। इसमें से एक दर्जन से अधिक गोवंश को मुक्त कराया है। पुलिस ने दो जनों को गिरफ्तार किया है। एक आरोपित मौका देखकर फरार हो गया।
उपाधीक्षक नरेन्द्रमोहन शर्मा ने बताया कि आरोपित सावर जिला अजमेर निवासी अकबर अली व सरोली थाना घाड़ निवासी राजू लाल बागरिया है। उन्होंने बताया कि तडक़े तीन बजे कालानाड़ा बालाजी मार्ग स्थित मैत्री डेयरी के खाली भू-खण्ड से करीब15 बछड़ों को पिकअप में ले जाने की सूचना मिली थी।
इस पर एएसआई रामदयाल मीणा, बालकिशन शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीछाकर अकबर अली व राजू लाल को तो पकड़ लिया, लेकिन मुख्य आरोपित सावर निवासी छीतर बागरिया फरार हो गया।
तेलोलाय निवासी मेघराज जाट ने आरोपितों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया है। बाद में पुलिस ने कार्रवाई कर बछड़ों को गोसेवा समिति को सौंप दिया। इस दौरान श्यामसुन्दर शर्मा सहित दर्जनों गोसेवक भी
मौजूद थे।