Tonk ACB Action : भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने डॉ. के.एन. मोदी विश्वविद्यालय, वनस्थली रोड निवाई के एसोसिएट प्रोफेसर (एचओडी) डॉ. मीनू गंगल और असिस्टेंट प्रोफेसर रमेश चंद मीणा को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा।
Tonk ACB Action : टोंक। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) टोंक इकाई ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी ने डॉ. के.एन. मोदी विश्वविद्यालय, वनस्थली रोड निवाई के एसोसिएट प्रोफेसर (HOD) डॉ. मीनू गंगल और असिस्टेंट प्रोफेसर रमेश चंद मीणा को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा । एसीबी के महानिदेशक पुलिस गोविंद गुप्ता ने बताया कि टोंक इकाई को एक शिकायत मिली थी। शिकायत में परिवादी ने बताया कि वह डॉ. के.एन. मोदी विश्वविद्यालय में वर्ष 2024-26 के बीएड दो वर्षीय पाठ्यक्रम का छात्र है।
आरोप है कि दोनों प्राध्यापक उसकी अनुपस्थिति को सही करने, मुख्य परीक्षा में बैठने की अनुमति देने और प्रवेश पत्र जारी करने के बदले 23 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे थे। शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई। गुरुवार को आरोपियों ने परिवादी से रिश्वत राशि देने के लिए कहा और आश्वासन दिया कि भुगतान के बाद उसे परीक्षा में बैठने और प्रवेश पत्र उपलब्ध कराने में मदद की जाएगी।
उप महानिरीक्षक पुलिस, अजमेर रेंज नारायण टोगस के सुपरवीजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीणा के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की। ट्रैप के दौरान डॉ. मीनू गंगल ने अपने कार्यालय में अपने सहयोगी रमेश चंद मीणा को परिवादी से 20 हजार रुपए दिलवाए। रमेश चंद मीणा ने रिश्वत राशि अपने हाथों से लेकर गिनी और पेंट की जेब में रख ली। एसीबी टीम ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए राशि बरामद कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान पूरी प्रक्रिया को नियमानुसार पूरा किया गया।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के सुपरवीजन में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
गौरतलब है कि 8 मई को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने टोंक के दत्तवास थाने में तैनात एक सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) गणेश नारायण चौधरी को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। आरोपी पुलिसकर्मी पर एक मामले में राहत दिलाने और जब्त मोबाइल वापस करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। कार्रवाई के दौरान एसीबी अधिकारियों ने रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली थी।