
डिपो मैनेजर विश्राम मीणा (फोटो- पत्रिका)
ACB Action in Dausa: दौसा: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बुधवार को राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) के दौसा आगार में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य प्रबंधक (डिपो मैनेजर) विश्राम मीणा को 20,000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर अलवर इकाई द्वारा की गई है।
एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि एक परिचालक (कंडक्टर) ने एसीबी की हेल्पलाइन नंबर 1064 पर शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी के अनुसार, वह दिसंबर 2025 में बीमार होने के कारण मेडिकल अवकाश पर गया था। स्वास्थ्य लाभ के बाद जब वह 19 जनवरी 2026 को ड्यूटी पर लौटा, तो उसने अपने चिकित्सा प्रमाण पत्र कार्यालय के बाबू (एलडीसी) भगवत को सौंप दिए थे।
जब परिवादी ने अपने मेडिकल अवकाश को स्वीकृत करवाने के लिए मुख्य प्रबंधक विश्राम मीणा से मुलाकात की, तो आरोपी ने अवकाश पास करने के बदले 20,000 रुपए की रिश्वत की मांग की। रिश्वत न देने पर परिवादी को परेशान किया जा रहा था।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी अलवर के उप अधीक्षक शब्बीर खान के नेतृत्व में टीम ने मामले का सत्यापन किया। एसीबी ने 2 अप्रैल और 7 अप्रैल को रिश्वत की मांग की पुष्टि की। बुधवार, 8 अप्रैल 2026 को उप महानिरीक्षक अनिल कयाल के सुपरविजन में जाल बिछाया गया। जैसे ही परिवादी ने डिपो मैनेजर विश्राम मीणा को रिश्वत के 20 हजार रुपए थमाए, पहले से तैयार एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
पकड़ा गया आरोपी विश्राम मीणा मूल रूप से महुवा के समलेटी का निवासी है। गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम आरोपी के निवास और अन्य ठिकानों पर तलाशी ले रही है। ब्यूरो यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या इस भ्रष्टाचार के खेल में विभाग के अन्य कर्मचारी या बाबू भी शामिल हैं।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई भी लोक सेवक जायज काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 या व्हाट्सएप नंबर पर सूचना दें। इस कार्रवाई से रोडवेज महकमे में हड़कंप मच गया है। फिलहाल, एसीबी की टीम आरोपी से पूछताछ कर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।
Updated on:
08 Apr 2026 06:53 pm
Published on:
08 Apr 2026 06:53 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
