टोंक जिले के बनेठा पुलिस थाने की ककोड़ चौकी पर तैनात कांस्टेबल भागचंद सैनी की हत्या का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा कर दिया। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
टोंक। जिले के बनेठा पुलिस थाने की ककोड़ चौकी पर तैनात कांस्टेबल भागचंद सैनी की हत्या का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा कर दिया। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से पुलिस टोपीदार बंदूक, छर्रे और बारूद, एक छुर्रा बरामद किया है। पूछताछ में सामने आया कि रात को गश्त पर निकले कांस्टेबल भागचंद ने शिकारियों को टोका था।
इस पर आरोपियों ने टोपीदार बंदूक से उस पर हमला कर दिया और भाग गए। बाद में भागचंद की मौत हो गई। एएसपी रतनलाल भार्गव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मोटीस की झोपड़ियां थाना उनियारा निवासी राजेश पुत्र बजरंग लाल मीणा और भट्टों का नया गांव थाना नैनवां जिला बूंदी निवासी दिलराज पुत्र सोहन लाल मीणा है।
आरोपी बजरंग मीणा और दिलराज मीणा वाहन चालक है। शनिवार की रात ये दोनों घटना की रात घटनास्थल रूपवास मोड़ के पास वन्यजीव मोर, खरगोश, तीतर का शिकार करने गए थे। वहीं कांस्टेबल भागचंद रात को गश्त पर निकले थे। भागचंद ने जब शिकारियों से पूछताछ की तो उन्होंने कांस्टेबल से झगड़ा शुरू कर दिया। इसके बाद उस पर फायरिंग कर दी। एएसपी रतनलाल भार्गव ने बताया कि आरोपियों को 12 घंटे बाद जंगल से ही पकड़ा है। आरोपी बजरंग और दिलराज से फिलहाल पूछताछ की जा रही है। पुलिस उनके और कोई साथियों को लेकर जानकारी ले रही है।
कांस्टेबल की हत्या के बाद लोगों ने गुस्सा फूट पड़ा था। सआदत अस्पताल में पोस्टमार्टम से पहले जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजेशकुमार मीना ने एएसपी रतनलाल भार्गव के निर्देशन और पुलिस उपाधीक्षक उनियारा आकांक्षा कुमारी के नेतृत्व में चार टीमों का गठन किया। जहां जंगल में सर्च के दौरान पुलिस टीम को बारूद की गंध मिली थी। जहां से आरोपियों को पकड़ा गया वहां भी वैसी ही गंध महसूस हुई। आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की गई तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
भागचंद की अप्रेल 2022 को डिग्गी निवासी टीना के साथ शादी हुई थी। उनके 21 महीने का बेटा कार्तिक है। भागचंद के 2 भाई और तीन बहनें हैं। वह सबसे छोटा था। उसकी 2018 में नौकरी लगी थी। पिता कालू लाल सैनी 1994 में पार्षद रहे थे।