
Naresh Meena : टोंक में देवली-उनियारा सीट पर हुए विधानसभा उपचुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी रहे नरेश मीणा की शनिवार को टोंक जेल में अचानक तबीयत बिगड़ गई। सीने में दर्द की शिकायत के बाद जेल प्रशासन ने उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच सआदत अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में प्राथमिक जांच के बाद चिकित्सकों ने उन्हें आइसीयू में भर्ती कर लिया। फिलहाल चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। सआदत अस्पताल के पीएमओ डॉ. प्रतीक सालोदिया ने बताया कि नरेश मीणा को सीने में दर्द की शिकायत के चलते अस्पताल लाया गया था। उन्हें आइसीयू में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है।
डॉ. प्रतीक सालोदिया ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ईसीजी सामान्य आई है। अन्य जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे के उपचार को लेकर निर्णय लिया जाएगा। आवश्यकता होने पर उन्हें जयपुर रेफर करने पर भी विचार किया जाएगा।
नरेश मीणा की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही उनके समर्थक सआदत अस्पताल पहुंचने लगे। समर्थकों ने जेल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही और देरी के आरोप लगाए। करीब सप्ताहभर पहले पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा जेल में नरेश मीणा से मिलने पहुंचे थे। उस दौरान भी नरेश मीणा ने सीने में दर्द होने की बात कही थी। समर्थकों ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद उनका समुचित उपचार नहीं कराया गया।
नरेश मीणा उस समय चर्चा में आए थे जब 13 नवंबर को देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के मतदान के दौरान समरावता गांव में मतदान बहिष्कार को लेकर ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठे थे। आरोप है कि तीन लोगों से जबरन मतदान कराने का विरोध करते हुए उन्होंने तत्कालीन एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था। इसके करीब 9 महीने बाद हाईकोर्ट ने नरेश मीणा को सशर्त जमानत पर रिहा किया गया था।
25 जुलाई को झालावाड़ के पिपलोदी सरकारी स्कूल की इमारत का हिस्सा गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद नरेश मीणा एसआरजी हॉस्पिटल के बाहर प्रदर्शन किया। जहां पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद नगरफोर्ट थाना पुलिस ने इसे हाईकोर्ट की जमानत शर्तों के उल्लंघन का आधार बनाते हुए एससी-एसटी कोर्ट में उनकी जमानत रद्द करने की अर्जी लगाई।
कोर्ट ने 13 जुलाई को उनकी जमानत रद्द कर दी। जज आरती माहेश्वरी ने माना कि हाईकोर्ट ने नरेश मीणा को सशर्त जमानत दी थी, लेकिन जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने उन शर्तों का पालन नहीं किया। जमानत रद्द होने के बाद नरेश मीणा ने 6 अगस्त को नगरफोर्ट थाने में सरेंडर किया था। कोर्ट में पेश करने के बाद उन्हें टोंक जेल भेज दिया गया था।