टोंक

एक साल पहले बिना बताए घर से निकली अपनों को देख फफक पड़ी विमला

एक साल बाद मिले परिजनों के नजारें को देखने कस्बे के सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई।  
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Updated: 23 Mar 2018, 2:20 PM IST
परिजनों से बिछुड़ी विमला
बंथली क्षेत्र के दूनी में एक साल पहले परिजनों से बिछुड़ी विमला पति व श्रद्धा फाउण्डेशन टीम के साथ।

बंथली. विक्षिप्ता के कारण एक साल पहले घर-परिवार से बिछुड़ी विमला (42) गुरुवार घर लौट आई। उसे मुम्बई की श्रद्धा फाउण्डेशन की टीम ने परिवार से मिलवाया है। टीम के साथ वह गुरुवार को दूनी पहुंची तो पति सीताराम मोची व बच्चों को देख वह खुशी से रो पड़ी। उसने बच्चों को गले से लगा लिया। इस दौरान महिला को छोडऩे आई टीम के सदस्यों की आंखों से भी आंसू छलक आए।

एक साल बाद मिले परिजनों के नजारें को देखने कस्बे के सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। टीम के राकेश कुमावत ने बताया कि विमला एक साल पहले विक्षिप्त होने के चलते बिना बताए घर से कहीं चली गई। परिवार वालों ने तलाश किया, लेकिन नहीं मिली। विमला 8 दिसम्बर 2017 को मुम्बई के पास विक्षिप्त हालत में संस्था को मिली।

वह अपने घर-परिवार के बारे में कुछ बताने में सक्षम नहीं थी। बाद में संस्था ने महिला का उपचार शुरू करवाया। उपचार के चार माह बाद महिला ने संस्था के सदस्यों को दूनी स्थित अपने घर का पता बताया। बाद में पूजा वाबले व सरिता देशमुख सहित तीन सदस्य टीम महिला विमला को लेकर दूनी पहुंची और पति सीताराम के सुपुर्द कर दिया।

पति सीताराम ने बताया कि उसके पांच बच्चे है। विमला पहले भी घर से निकल गई थी जो तलाश करने के बाद तीन साल बाद मिली थी। इस दौरान पति सीताराम व बच्चों ने टीम का आभार जताया। टीम के सदस्यों ने बताया कि करजत जिला रामगढ़ मुम्बई (महाराष्ट्र) स्थित श्रद्धा फाउण्डेशन संस्था की शुरुआत 1998 में की गई थी। उसने अब तक भारत में करीब आठ हजार बिछुड़े लोगों को अपनों से मिलाया है।

बाल संरक्षण पर प्रतिनिधियों को किया प्रशिक्षित

टोंक. शिव शिक्षा समिति राणोली की ओर से सेव द चिल्ड्रन के सहयोग से संचालित ‘शादी बच्चों का खेल नहीं’ परियोजना के तहत पंचायती राज जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया गया। इसमें बाल सरंक्षण तंत्र की आवश्यकता वर्तमान में सचांलित बाल संरक्षण तंत्र जैसे पंचायत एवं ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण समिति शाला प्रबधंन समिति 1098 आदि के बारे में बताया गया।

बाल विवाह रोकथाम के लिए प्रभावी कानून बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के मुख्य प्रावधानों की जानकारी दी गई। जनप्रतिनिधियों की ओर से बाल विवाह रोकथाम के लिए कार्ययोजना तैयार की गई। प्रशिक्षण में प्यावडी, बगडी, जोला, गलोद, डोडवाडी, एवं जवाली के जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

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