टोंक

Rajasthan Nikay Election: कैसे डालेंगे वोट? नगर परिषद चुनाव की नामावली में गड़बड़ी से मतदाता परेशान

Rajasthan Nagar Nikay Election: नगर परिषद टोंक के आगामी चुनाव की तैयारियों के बीच मतदाता सूची को लेकर असंतोष सामने आ रहा है।

2 min read
Mar 28, 2026
Photo: AI-generated

टोंक। नगर परिषद टोंक के आगामी चुनाव की तैयारियों के बीच मतदाता सूची को लेकर असंतोष सामने आ रहा है। 24 मार्च को सभी वार्डों के मतदान केन्द्रों पर निर्वाचक नामावलियों का प्रारूप प्रकाशित किया गया, लेकिन कई मतदाताओं ने शिकायत की है कि उनका नाम सूची में दर्ज ही नहीं है।

अब नगर परिषद क्षेत्र के 60 वार्डों के 124 मतदान केन्द्रों पर प्रगणक नियुक्त किए गए हैं। 25 मार्च को वार्ड सभाओं में नामावलियों का पठन कराया गया और आम जनता के निरीक्षण के लिए उपलब्ध कराया गया।

ये भी पढ़ें

Rajasthan Crime: युवती के साथ आपत्तिजनक हालत में था युवक, फावड़े से सिर पर ताबड़तोड़ वार कर भाइयों ने कर दी हत्या

राजनीतिक दलों ने भी इस मुद्दे को उठाया

कई वार्डों में मतदाताओं ने शिकायत की है कि पिछले चुनावों में नाम दर्ज होने के बावजूद इस बार सूची से गायब हैं। इससे मतदाताओं में असमंजस और नाराजगी है। राजनीतिक दलों ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया है। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची के काम में पारदर्शिता नहीं बरती गई और इसी वजह से गड़बड़ियां सामने आ रही है।

मतदान केन्द्रों पर उपस्थित रहेंगे प्रगणक

बीएलओ विशेष तिथियों 29 मार्च और 5 अप्रेल को प्रगणक मतदान केन्द्रों पर उपस्थित रहकर दावे और आपत्तियां प्राप्त करेंगे। दावे-आपत्ति प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 7 अप्रंल तय की गई है, जबकि अंतिम नामावली 22 अप्रेल को प्रकाशित होगी।एसडीएम ने स्पष्ट किया कि इस बार पुनरीक्षण अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 के आधार पर किया जा रहा है।

जिनकी आयु इस तिथि तक 18 वर्ष पूर्ण हो जाएगी और जिनका नाम सूची में दर्ज नहीं है, वे अपना नाम पंजीकृत करवा सकते हैं। प्रशासन ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे समय रहते अपने नाम की जांच करें और यदि नाम सूची में नहीं है तो दावा प्रस्तुत करें, ताकि मतदान अधिकार से वंचित न रह जाएं।

लापरवाही करने पर संबंधित पर कार्रवाई

एसडीएम ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के समस्त संस्था प्रधान और कार्यालयाध्यक्षों को निर्देशित किया कि नगर परिषद क्षेत्र के 124 मतदान केन्द्रों पर नियुक्त प्रगणकों को उनके मूल पदस्थापन कार्यालय व विद्यालयों में समय से कार्य शिथिलता प्रदान की जाए।

इसके अतिरिक्त पर्यवेक्षकों को कार्यालय समय प्रातः 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक कार्य शिथिलता दी जाएगी। निर्वाचन संबंधित कार्यवाही में लापरवाही करने पर संबंधित कार्मिक के विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 32 के तहत नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

प्रशासक ने संभाली हुई है सत्ता

टोंक नगरपरिषद में लंबे अर्से से प्रशासक ने कमान संभाली हुई है। बोर्ड का कार्यकाल पूरा हाे जाने के बाद राज्य सरकार ने आदेश जारी कर प्रशासक नियुक्त कर दिए थे। ऐसे में पार्षदों का भी अब कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। सारे कामकाज नौकरशाही के भरोसे है। संभावना है कि अप्रेल के बाद निकायों में चुनाव प्रक्रिया शुरू हो सकती है। हालांकि जिला प्रशासन और निर्वाचन आयोग लगातार तैयारी कर रहा है।

ये भी पढ़ें

Alwar News: अलवर में सड़क निर्माण पर 36 करोड़ रुपए खर्च करेगा निगम, प्रदूषण रोकने को सड़क किनारे लगेंगी टाइल्स

Also Read
View All

अगली खबर