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Rajasthan Crime: युवती के साथ आपत्तिजनक हालत में था युवक, फावड़े से सिर पर ताबड़तोड़ वार कर भाइयों ने कर दी हत्या

Anil Bishnoi Murder Case: बीकानेर जिले के अनिल बिश्नोई हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। चचेरे भाइयों ने ही प्रेम प्रसंग के चलते युवक की हत्या की थी।

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Anil Bishnoi Murder Case

अनिल बिश्नोई की हत्या को अंजाम देने वाले गिरफ्तार दोनों आरोपी। फोटो: पत्रिका

बीकानेर/नोखा। बीकानेर जिले के रासीसर गांव में पांच दिन पहले हुए ट्रक चालक अनिल कुमार पूनियां हत्याकांड का पुलिस ने संवाददाता सम्मेलन कर सनसनीखेज खुलासा किया है। इस ब्लाइंड मर्डर में मृतक के ही दो चचेरे भाई आरोपी निकले, जिन्होंने हत्या के बाद शक से बचने के लिए अंतिम संस्कार तक में शामिल होकर लोगों को गुमराह किया।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) बनवारी लाल मीणा ने बताया कि 23 मार्च को मृतक के पिता भगवानाराम विश्नोई ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था। मामला पूरी तरह ब्लाइंड था, जिसे सुलझाने के लिए विशेष टीमें गठित कर तकनीकी, वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच की गई। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

आपत्तिजनक हालत बनी हत्या की वजह

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि घटना से एक रात पहले आरोपी जगदीश ने अनिल को एक युवती के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इससे आक्रोशित होकर उसने अपने चचेरे भाई रामकुमार बिश्नोई के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। अगली सुबह दोनों ने मौका पाकर अनिल के घर में घुसकर फावड़े से सिर पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

हत्या के बाद भीड़ में शामिल होकर किया गुमराह

वारदात के बाद आरोपी खुद को बचाने के लिए गांव में सामान्य लोगों की तरह घूमते रहे। हत्या की सूचना फैलने पर वे मौके पर पहुंचे और अगले दिन अंतिम संस्कार में भी शामिल होकर पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश की।

दो आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने पंचायतीया बास रासीसर निवासी जगदीश और रामकुमार बिश्नोई को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से गहन पूछताछ जारी है और मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम

इस जघन्य हत्याकांड का पर्दाफाश करने के लिए एएसपी ग्रामीण बनवारी लाल मीणा के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया। एएसपी मीणा व नोखा सीओ जरनैल सिंह के निर्देशन में गठित टीमों ने लगातार मेहनत और सूझबूझ से काम करते हुए दोनों आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तार किया। इसमें सीआई अरविंद भारद्वाज, जसरासर सीआई आलोक सिंह, देशनोक सीआई सुमन शेखावत सहित डेढ़ दर्जन से अधिक पुलिस अधिकारी व जवान शामिल रहे।