टोंक

video: बादलों ने घेरा, मावठ ने ठिठुराया तों कोहरे के संग हुआ दिन का आगाज

बदले मौसम के बाद रात भर रुक-रुककर बूंदाबांदी का दौर चला। इससे ठिठुरन बढ़ गई। सुबह का आगाज ही कोहरे व ठिठुरन के साथ हुआ।  
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Updated: 13 Dec 2017, 7:49 AM IST
कोहरे के बीच राजमार्ग से गुजरते वाहन
टोंक. कोहरे के चलते राजमार्ग पर दोपहर तक वाहनों की आवाजाही कम रही। चालकों को मार्ग स्पष्ट दिखाई नहीं देने से सभी वाहन सडक़ पर रैंगते हुए चल रहे थे। लोगों ने अलाव का सहारा लेकर गलन से राहत पाई।

टोंक. जिले में मंगलवार सुबह का आगाज ही कोहरे व ठिठुरन के साथ हुआ। ठिठुरन में नमी बनी रहने से ओस की बूंदे गिरती रही। कोहरे के चलते राजमार्ग पर दोपहर तक वाहनों की आवाजाही कम रही। चालकों को मार्ग स्पष्ट दिखाई नहीं देने से सभी वाहन सडक़ पर रैंगते हुए चल रहे थे। लम्बे मार्गों पर दौडऩे वाली दु्रतगामी बसें भी तय समय पर गंत्व्य पर नहीं पहुंची। लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित रही।

लोग दिनभर ऊनी वस्त्रों में लिपटे रहे। सुबह 10 बजे बाद धूप निकली। इसके बाद लोगों को कुठ राहत महसूस हुई। इससे पहले बदले मौसम के बाद रात भर रुक-रुककर बूंदाबांदी का दौर चला। इससे ठिठुरन बढ़ गई। लोगों ने अलाव का सहारा लेकर गलन से राहत पाई। कृषि विभाग ने मावठ को रबी फसलों के लिए संजीवनी बताया है।


ठिठुरते पहुंचे स्कूल
कोहरे के चलते सुबह की पारी में पढऩे वाले विद्यार्थी ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे। इसके चलते विद्यालयों में छात्रों की संख्या कम रही। सुबह रोडवेज में भी यात्रीभार कम रहा। हालांकि दोपहर बाद धूप निकलने से बस स्टैण्ड पर यात्रियों की आवाजाही शुरू हो गई।


होगी बढ़ोतरी
कृषि उपनिदेशक निरंजनसिंह राठौड़ ने बताया कि कोहरे व मौसम में नमी रबी फसलों के लिए फायदेमंद है। कुछ दिन मौसम अनुकूल रहा तो सरसों व गेहूं के उत्पादन में बढ़ोतरी होगा। जिले में 68 हजार हैक्टेयर में गेहूं, 2 लाख 40 हजार में सरसों, 58 हजार में चना, 22 हजार हैक्टेयर में जौ की बुवाई की गई है।


चिमनी में तैयारी, अंधेरे में दी परीक्षा

चिमनी में तैयारी, अंधेरे में दी परीक्षा
कोहरे व बूंदाबांदी से बिजली लाइनों में भी फाल्ट आता रहा। मेहंदवास क्षेत्र में सोमवार शाम 4 बजे ठप हुई बिजली मंगलवार सुबह 10 बजे बाद बहाल हो पाई। इस बीच अद्र्धवार्षिक परीक्षा की तैयारी में जुटे विद्यार्थियों को चिमनी की रोशनी में पढऩा पड़ा।

सुबह भी आपूर्ति ठप रहने से अंधेरे में ही बोर्ड परीक्षा देनी पड़ी। अन्य गांवों में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। थ्री फेज बिजली के अभाव में ग्रामीण क्षेत्रों में बनी टंकियां नहीं भर पाई। इससे लोगों को हैण्डपम्पों से पानी लाना पड़ा।


बूंदाबादी से ठण्ड बढ़ी
मालपुरा. कस्बे में सोमवार रात को हुई मावठ से ठण्ड बढ़ गई। बरसात से फसलों को जीवनदान मिलने से किसानों के चेहरे खिल उठे। अचानक तेज हुई ठण्ड से जन-जीवन भी प्रभावित रहा।

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